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SHASTRA TANDAV ⚔️ Mahabharat Day 6 – Bheem Ka krodh & Ghatotkach ki maya | Kurukshetra War | Shlovij

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SHASTRA TANDAV ⚔️ Mahabharat Day 6 – Bheem Ka krodh & Ghatotkach ki maya | Kurukshetra War | Shlovij

21 431 просмотр · 4 месяца назад
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✅❤️ FOLLOW ME ON INSTAGRAM ❤️✅   / shlovij   About This Track👇 MAHABHARAT – Chapter 6 mere devotional hip-hop album Mahabharat (The War That Defined Dharma) ka chhatha yuddh adhyay hai — jab Kurukshetra ki dhara par shastra, maya aur महाविनाश ek saath प्रज्वलित hone lage, aur रणभूमि ka हर योद्धा apne शौर्य aur धर्म ki अंतिम सीमा tak ladta dikha. Is din: 🔥 Pandav sena ne मकरव्यूह aur Kaurav sena ne क्रोंचव्यूह rachkar महायुद्ध ka aarambh kiya 🔥 Bhishm Pitamah ne apni प्रचंड बाणवर्षा se Pandav sena mein भयंकर हाहाकार macha diya 🔥 Bheem ne apne भीषण क्रोध aur गदाप्रहार se kai Kaurav yoddhaon ka संहार kar diya 🔥 Dronacharya ne Yudhishthir par तीव्र आक्रमण kar Pandav sena ko kathin sthiti mein la diya 🔥 Abhimanyu ne ek saath kai maharathiyon par प्रहार kar apni अद्वितीय वीरता ka pradarshan kiya 🔥 Ghatotkach ne apni मायावी शक्ति se Kaurav sena ko भय aur भ्रम mein daal diya 🔥 Krishna ne Arjun aur Pandav sena ko धर्म aur विजय ka marg dikhate hue हर बाधा ko door kiya dharma aur adharm ke beech yeh sangharsh aur bhi विकराल ho gaya, aur Kurukshetra ki dharti par har प्रहार ke saath मृत्यु ka तांडव aur तेज hone laga। Yeh sirf ek gaana nahi — yeh Mahabharat ke yuddh ka chhatha प्रहार hai। 🚩 Jai Shree Krishna Lyrics:- Chapter 6:- Intro:- अथ षष्ठे दिने प्राप्ते पुन: सैन्यं समागतम्। महभ्दूतम भूत् युद्धं देवासुरसमं पुन:।। (अर्थ:- छठे दिन दोनों सेना पुन: एकत्र हुई और देवासुर संग्राम जैसा अद्भुत युद्ध हुआ) Hook:- रक्त रेखा खिंच गई रण में कौन करें अब पार? धर्म अधर्म दोनों में श्रेष्ठ व ज्येष्ठ बड़े अवतार। गूंज उठा जब शंख वीरों का कंपित भू संसार। युद्ध नहीं यह महायुद्ध करे काल स्वयं संहार। Verse १:- धधक उठी फिर से कुरुक्षेत्र में छठे प्रभात की ज्वाला। पांडव ने रचा मकर व्यूह, कौरव ने क्रोंच रच डाला। चढ़े धनुष पर अग्निबाण, अर्जुन प्रहार ना छोड़े। चारों ओर दिखते हैं रण में रथ, हाथी, सेना, घोड़े। अर्जुन व्यूह के अग्रगामी और भीम मध्य के भाग डटे, सात्यकि व सहदेव, नकुल, अभिमन्यु चारों ये राग रटे। आए सामने कोई भी योद्धा हार आज ना मानेंगे, रण में होगा तांडव इतना सब शत्रु याचना मांगेंगे। भीष्म खड़े कौरव के अग्र और द्रोण मध्य दोनों बल से पूर्ण। कृपाचार्य,शल्य,कृतवर्मा तीनों कौरव के पक्ष रणज्ञान रूढ़। पीछे पीछे कौरव के संग खड़ा दुर्योधन ललकार भरे। वज्र जैसा लेकर शरीर वो भी भीषण हुंकार करे। युद्ध हुआ आरंभ भीम गदा और बाण से वार करें। 14 कौरव लील गया इस भांति नरसंहार करे। धर्मराज पर तीक्ष्ण बाण का वार द्रोण करें लगातार। पांडव सेना ध्वस्त करी और ज्येष्ठ पाण्डु मूर्छा को प्राप्त। धृष्टद्युम्न ने रोके द्रोण और अग्निबाण संधान किया, द्रोण रथ को ले हटे पीछे जब शस्त्र शक्ति संज्ञान लिया। द्रोण सारथी मार दिया महाबली भीम ने वार किया। किंतु द्रोण ने वातवेग बाणों से फिर प्रतिकार दिया।। Hook:- जहां वाणी मौन हो, वही शस्त्र बोलते। क्या धर्म अधर्म हो? नहीं अस्त्र तोलते। जहां धर्म नीति हो, वहीं जीत धर्म की। जहां पौरूष ना हो, नहीं रक्त खोलते। × २ Verse २:- त्रिधारा से करे वार अभिमन्यु एक लड़े वीर भांति। एक संग दिशा तीन भेदी बाणों से वो बढ़े चीर छाती। घायल किया श्रुतायु,शल्य व शल्य पुत्र रुक्मारथ भी। कौरवों की सेना में घुसता जाए ना उसका रुकता रथ ही। एक और महाबली भीम का पुत्र घटोत्कच था भारी। माया से करे भ्रमित रथी,हाथी और वो सेना सारी। माया जाल में फंसे सोमदत्त, भूरिश्रवा व जयद्रथ भी, घटोत्कच की माया को देख भयभीत सेना, हाथी, रथ भी। भीम द्वंद दुर्योधन संग, गिर रथ से कौरव ज्येष्ठ पड़े। कृपाचार्य और कर्ण आके करे रक्षा उसकी ना ठेस पड़े। देख दृश्य कौरव सेना क्षत विक्षत भय से घबराएं सब। द्रोण व्यूह मजबूत करते भरे शौर्य भाव सब आए तब। भीष्म हाथों पांडव को हानि पांचाल सेना संहार किया। भीष्म ने ही पांडव सेवा में जमके हाहाकार किया। दोनों पक्ष दोनों ही अटल किंतु पाण्डव संग धर्म स्वयं। कृष्ण बाधा मिटलाते राह दिखलाते करते वो कर्म स्वयं। वेला संध्या की आई लालिमा छाई नभ में और द्वंद थमा। छठा दिन ये महाभारत का दिव्यास्त्रों का विध्वंस थमा। कौरवों को हानि दुर्योधन घायल और मनोबल टूटा। पांडवों का धर्मपक्ष ध्वज व हुआ रण में आज यूं बल ऊंचा।। Hook:- जहां वाणी मौन हो, वही शस्त्र बोलते। क्या धर्म अधर्म हो? नहीं अस्त्र तोलते। जहां धर्म नीति हो, वहीं जीत धर्म की। जहां पौरूष ना हो, नहीं रक्त खोलते। × २ Outro:- ततो रजस्वलं भूमि दृष्टवा शूरा भयाकुला:। विवेशु: स्वशिविराणि व्यथिता: क्लान्तमानसा:।। (अर्थ:- रणभूमि जब धूल और रक्त से भर चुकी थी तब योद्धा भय और थकावट से पीड़ित हो अपने शिविरों में लौटे।) समाप्त।। Credits:- Written, Composed & Performed By: Shlovij Produced & Mixed/Mastered By: Shaks & Wish at Wish Sound Studio   / wishsoundstudio   Visuals / Lyrical Video: Piyush Pathak at Wish sound Studio Distribution Partner: Fhigh Official   / fhigh.official   Digitally Powered By: Sarvinarck Music   / sarvinarck   legal team :- legal@sarvinarck.com 📌 Album Update: 🎧 MAHABHARAT – Chapter 6 (Day 6 - Shastra Tandav) OUT NOW 📖 Full album coming soon — har track Mahabharat ke ek poore din ko narrate karega। . . . . . Hashtags👇 #Shlovij #Mahabharat #ShastraTandav #MahabharatChapter6 #DevotionalHipHop #IndianHistory #Kurukshetra #DharmaVsAdharma #IndianRap #SpiritualRap #MahabharatAlbum #storytellin #rap #arjun #karna #bhishma #bheem #pandav #kaurav #HinduEpic #Krishna #Ghatotkach #Abhimanyu #Dronacharya