श्री रुद्राष्टकम्: भगवान शिव की शक्तिशाली स्तुति | Shri Rudrashtakam
Pavnesh Kumar Singh
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श्री रुद्राष्टकम्: भगवान शिव की शक्तिशाली स्तुति | Shri Rudrashtakam
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Pavnesh Kumar Singh
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🔱 श्री रुद्राष्टकम् | Shri Rudrashtakam | Lord Shiva Stotra | Pavnesh Singh 🔱
श्री रुद्राष्टकम् भगवान शिव को समर्पित एक पावन स्तुति है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह प्रसिद्ध शिव स्तोत्र श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव के दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। इसका श्रवण भक्तिमय वातावरण, मन की शांति और सकारात्मक भावनाओं को बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
इस वीडियो में श्री रुद्राष्टकम् की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ संपूर्ण हिंदी लिरिक्स दिए गए हैं। "नमामीशमीशान निर्वाण रूपम्" से प्रारंभ होने वाला यह स्तोत्र भगवान शिव के निराकार, व्यापक और दिव्य स्वरूप का सुंदर वर्णन करता है।
🙏 अपनी दैनिक साधना, ध्यान और शिव भक्ति के समय श्री रुद्राष्टकम् का श्रद्धापूर्वक श्रवण करें।
⏱️ Chapters
00:00 श्री रुद्राष्टकम् – मंगलाचरण और ध्यान
00:18 नमामीशमीशान निर्वाण रूपम्
00:55 निराकार ओंकार मूलम्
01:32 तुषाराद्रि संकाश गौरम्
02:20 चलत्कुण्डलं शुभ्र नेत्रम्
03:05 उमानाथ पादारविन्दम्
03:40 श्री रुद्राष्टकम् – पुनः पाठ
📜 श्री रुद्राष्टकम् लिरिक्स:
नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपम्।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भजेऽहम्॥
निराकार मोङ्कार मूलं तुरीयं, गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्।
करालं महाकाल कालं कृपालं, गुणागार संसार पारं नतोऽहम्॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं, मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गङ्गा, लसद्भाल बालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा॥
चलत्कुण्डलं शुभ्र नेत्रं विशालं, प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्।
मृगाधीश चर्माम्बरं मुण्डमालं, प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥
प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं, अखण्डं अजं भानु कोटि प्रकाशम्।
त्रयः शूल निर्मूलनं शूल पाणिं, भजेऽहं भवानीपतिं भाव गम्यम्॥
कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी, सदा सच्चिदानन्द दाता पुरारी।
चिदानन्द संदोह मोहापहारी, प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी॥
न यावद् उमानाथ पादारविन्दं, भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्।
न तावत् सुखं शान्ति सन्ताप नाशं, प्रसीद प्रभो सर्व भूताधिवासम्॥
न जानामि योगं जपं नैव पूजां, नतोऽहं सदा सर्वदा शम्भु तुभ्यम्।
जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं, प्रभो पाहि आपन्नमामीश शम्भो॥
रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तं विप्रेण हरतोषये।
ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषां शम्भुः प्रसीदति॥
॥ इति श्रीगोस्वामितुलसीदासकृतं श्रीरुद्राष्टकं सम्पूर्णम् ॥
🙏 कमेंट में "हर हर महादेव" लिखकर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करें। 🔱
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🎵 Stotra: Shri Rudrashtakam
🙏 Dedicated to: Lord Shiva
🎤 Artist: Pavnesh Singh
🏷️ Label: PK Digvijay Singh
हर हर महादेव! 🔱
ॐ नमः शिवाय! 🕉️
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