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संतान-वृद्धि हेतु गणपति स्तोत्र | गर्भवती माताएं सुनें यह दिव्य गणेश स्तोत्र | Ganesh Chaturthi

Vedic Garbh sanskar

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संतान-वृद्धि हेतु गणपति स्तोत्र | गर्भवती माताएं सुनें यह दिव्य गणेश स्तोत्र | Ganesh Chaturthi

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श्री संतान गणपति स्तोत्रम् | संतान-वृद्धि हेतु गणपति स्तोत्र | संतान इच्छुक दंपति और गर्भवती माताएं जरूर सुनें प्रिय माताओं एवं संतान की इच्छा रखने वाले दंपतियों, भगवान श्री गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है। प्रस्तुत है श्री संतान गणपति स्तोत्रम्, जिसमें भगवान गणपति से संतान, परिवार की सुख-शांति और मंगल के लिए प्रार्थना की गई है। श्रद्धा और भक्ति के साथ इस स्तोत्र का श्रवण एवं पाठ करें। गर्भवती माताएं इसे सकारात्मक और भक्तिमय वातावरण में सुन सकती हैं। श्री संतान गणपति स्तोत्र के पाठ से जुड़े भाव मान्यता के अनुसार, इस स्तोत्र के श्रद्धापूर्वक पाठ से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और संतान से जुड़ी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की जाती है। भगवान गणेश से परिवार में सुख, शांति और मंगल की कामना की जाती है। 🙏 श्री संतान गणपति स्तोत्र एवं सरल अर्थ नमोऽस्तु गणनाथाय सिद्धिबुद्धियुताय च। सर्वप्रदाय देवाय पुत्रवृद्धिप्रदाय च॥ अर्थ: सिद्धि और बुद्धि से युक्त गणनाथ भगवान को नमस्कार है, जो सब कुछ प्रदान करने वाले तथा संतान-वृद्धि का आशीर्वाद देने वाले देव हैं। गुरूदराय गुरवे गोत्रे गुह्यासिताय ते। गोप्याय गोपिताशेषभुवनाय चिदात्मने॥ अर्थ: लम्बोदर, ज्ञानदाता, रक्षक और गूढ़ स्वरूप वाले, समस्त भुवनों की रक्षा करने वाले चिदात्मा गणपति को नमन है। विश्वमूलाय भव्याय विश्वसृष्टिकराय ते। नमो नमस्ते सत्याय सत्यपूर्णाय शुण्डिने॥ अर्थ: जो सम्पूर्ण विश्व के मूल कारण, कल्याण स्वरूप, सृष्टि के आधार, सत्यस्वरूप और शुण्डधारी हैं, उन भगवान गणेश को बार-बार नमस्कार है। एकदन्ताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः। प्रपन्नजनपालाय प्रणतार्तिविनाशिने॥ अर्थ: एकदंत, सुंदर मुख वाले, शरणागत भक्तों की रक्षा करने वाले और उनकी पीड़ा दूर करने वाले भगवान गणपति को बार-बार प्रणाम है। शरणं भव देवेश संततिं सुदृढां कुरु। भविष्यन्ति च ये पुत्रा मत्कुले गणनायक॥ अर्थ: हे देवेश! आप मेरे शरणदाता बनें और मेरी संतान-परंपरा को सुदृढ़ करें। हे गणनायक! मेरी संतान की कामना पूर्ण करें और मेरे कुल को सुख-समृद्धि से भरें। ते सर्वे तव पूजार्थं निरताः स्युर्वरो मतः। पुत्रप्रदमिदं स्तोत्रं सर्वसिद्धिप्रदायकम्॥ अर्थ: हे गणनायक! मेरी संतान सदैव आपकी भक्ति और पूजा में समर्पित रहे—ऐसा वरदान प्रदान करें। यह स्तोत्र संतान की कामना और विविध सिद्धियों के लिए प्रार्थना स्वरूप माना गया है। विशेष: परंपरागत मान्यता के अनुसार, संतान की इच्छा रखने वाले दंपति गणेश चतुर्थी जैसे शुभ अवसरों पर भगवान गणेश की आराधना के साथ इस स्तोत्र का पाठ करते हैं। इसे धार्मिक मान्यता के रूप में ही समझें। कमेंट में “गणपति बप्पा मोरया” जरूर लिखें। ऐसे ही गर्भ संस्कार मंत्र, गणेश स्तोत्र, भगवान श्री कृष्ण की कथाएं, गर्भवती माताओं के लिए भक्ति गीत और सकारात्मक devotional content के लिए Vedic Garbh Sanskar चैनल को Subscribe करें। गणपति बप्पा मोरया 🙏 मंगलमूर्ति मोरया 🙏 ❤️Download Vedic garbh sanskar mobile app now: https://play.google.com/store/apps/de... 📱Follow us on: 🌍 Website:https://www.vedicgarbhsanskar.com 🥳Instagram:   / vedicgarbhsanskar   🤝Facebook:   / vedicgarbhsanskar2   🤞Twitter:   / garbhsanskar_   Telegram: http://t.me/vedicgarbhsanskar 😎YouTube:    / @vedicgarbhsanskar   📱Whatsapp chat: http://wa.me/+917874000710 Disclaimer : Copyright Disclaimer Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. The materials used for illustrative and exemplification reasons, also quoting in order to recombine elements to make a new work.