फिबोनाची संख्या - क्या यह प्राचीन भारत में प्रयुक्त एक हिंदू संख्या है? जीवन का रहस्य
Praveen Mohan Hindi
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फिबोनाची संख्या - क्या यह प्राचीन भारत में प्रयुक्त एक हिंदू संख्या है? जीवन का रहस्य
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00:00 - फिबोनाची संख्या
01:42 - ईश्वरीय संख्या
03:22 - फिबोनाची श्रृंखला
04:50 - डी एन ए सुपरा कोड
05:15 - फिबोनाची संख्या जीवन का आधार
08:20 - फाइबोनैचि एक हिंदू संख्या है?
10:29 - क्या हेमचन्द्र हिन्दू कवि थे?
13:43 - पिंगला, एक महान हिंदू गणितज्ञ
15:27 - गतिशील प्रोग्रामिंग (Dynamic Programming)
16:33 - फिबोनाची कौन है?
19:03 - लिबर अबासी (Liber Abacci)
20:19 - आधुनिक अंकगणित (Modern Arithmetic)
21:15 - ब्रह्मगुप्त (एक महान हिंदू गणितज्ञ)
22:34 - एक क्रांतिकारी परिवर्तन
24:35 - निष्कर्ष
मित्रों , आज हम ऐसी संख्या के बारे में जानेंगे जिसे फिबोनाची संख्या कहा जाता है !और यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि कैसे इसका संबंध प्राचीन हिंदू सभ्यता से है और क्यों इस संख्या को जीवन का आधार माना जाता है! इतिहासकारों का मानना है सन 1200 ईस्वी में करीब 800 साल पहले एक इटालियन व्यक्ति जिनका फिबोनाची था उन्होंने फिबोनाची संख्या की खोज की थी| फिबोनाची ना तो भारतीय थे और ना ही हिंदू ,वह तो ईसाई धर्म को मानने वाले एक इटैलियन और कैथोलिक व्यक्ति थे फिर यह फिबोनाची एक हिंदू संख्या क्यों है?
यह जानने के लिए पहले हमें यह समझना होगा की फिबोनाची संख्या आखिर क्या संख्या है ,फिबोनाची संख्या संख्याओं की एक श्रंखला है जिसमें आप शून्य को चाहे तो रख भी सकते हैं अथवा नहीं भी,आप ऐसे शुरू कर सकते हैं : 1 ,1, इस श्रंखला की ऐसी क्या विषेशता है ? यह श्रंखला इसी तरह जारी रहेगी | क्यों न ऐसी ही एक और श्रृंखला बनाई जाये? उदाहरण के लिए , हम ऐसा कियों नहीं कहते 2, 4, 6, 10, 16.? इन संख्याओं की श्रंखला और फिबोनाची संख्या की श्रंखला में आखिर क्या फर्क है ? फिबोनाची संख्याओं की श्रंखला आम इंसान द्वारा यूं ही बनाई गई कोई भी संख्या नहीं है | यह ईश्वरीय संख्या है और यही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है | मेरा इस बात से क्या मतलब है?
मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं कि फिबोनाची संख्या ईश्वरीय संख्या है ?फिबोनाची संख्या और इसके जीवन के साथ जुड़ाव को समझने के लिये चलिये एक सेल (कोशिका)पर नज़र डालते हैं , एक कोशिका से शुरुआत करते हैं मान लीजिए कि इस सेल (कोशिका) का जन्म अभी अभी हुआ है |इसके पहले कुछ भी नहीं था और इस कोशिका का जन्म अभी अभी हुआ है |2 मिनट बाद कोशिका पूरी तरह विकसित हो जाएगी , और पूरी तरह से विकसित होने के बाद ये कोशिका अगले हर 1मिनट में,एक नई कोशिका को पैदा करेगी । इस तरह पहले मिनट में कोशिका एकदम नई थी,और दूसरे मिनट यही कोशिका एक मिनट पुरानी हो जाएगी, इस एक मिनट के लिए मै ये एक लाइन खींच रहा हु और तीसरे मिनट में कोशिका पूरी तरह विकसित हो गयी है ,इसलिए मै इस तरह दो लाइन खींच रहा हूं |
और अब ये एक नयी कोशिका को जन्म देगी |और चौथे मिनट में ये कोशिका पूरी तरह विकसित हो चुकी है ,इसलिए ये नई कोशिका को जन्म देगी ,पर ये वाली कोशिका अब 1 मिनट पुरानी हो चुकी है , पांचवे मिनट में ये वाली कोशिका पहले ही पूर्ण विकसित हो गयी है ,इसलिए ये भी अगली कोशिका को जन्म देगी | अब यह कोशिका एक मिनट पुरानी होगी, और यह वाली दो मिनट पुरानी होगी | चूंकि ये भी विकसित हो चुकी है इसलिए ये अगली कोशिका को जन्म देगी ,अब छठवे मिनट में क्या होगा ?
इस समस्या को हल करने के दो तरीके है ,या तो आप इस तरह से गोले बनाते जायें और ये पता कर ले कि 6 मिनट बाद कितनी कोशिकाए होंगी या फिर आप पहले ही इसमें एक पैटर्न देख लें ,यहाँ ये एक है और यहां ये 1 है |अगली कड़ी में ये 2 है |ये दरअसल एक +एक है ये दो हो गया ,और इस लेवल में आप देख रहे है कि यहां 3 कोशिकायें हैं जो कि असल में 1+2 है इसलिए ये 3 है और अब आप इस लेवल में देख सकते हैं कि यहाँ कुल 5 कोशिका है, और आप देख ही सकते है कि ये 2+ 3 है जो कि 5 हुआ है ,तो छठे मिनट में आपका जवाब 8 होगा क्यों कि 3 और 5 का जोड़ 8 होता है।
ये है फिबोनाची श्रृंखला । और आप चाहे तो पूछ सकते है कि क्या कोशिकाए वास्तव इस तरीके से बढ़ती है ? क्या कोशिकायें इस तरीके से बढ़ती या बंटती है ?इसे कहते है अनुकूल परिस्तिथि में सिलसिलेवार तरीके से कोशिका चक्र का पूरा होना !आप फिबोनाची संख्या न केवल कोशिका चक्र में बलकी डी एन ए सुपरा कोडमें भी देख सकते है।अब ये डी एन ए सुपरा कोड क्या है ,एक न्यूक्लिक एसिड आधार का संगठन है जो कि डी एन ए में पाया जाता है ।
आप सूक्ष्म रूप से फिबोनाची संख्या को जीवित व्यक्ति में अनेक जगह पर देख सकते है ।उदाहरण के तौर पर आप इसे डी एन ए में जीवित कोशिकाओं के दोहराने की प्रक्रिया के तरीके में देख सकते है ।तो यहां आप आसानी से देख सकते है कि फिबोनाची संख्या और जीवन में सीधा संबंध हैतो फिबोनाची संख्या जीवन का आधार है ,पर क्या फिबोनाची संख्या को देखने के लिए हमे किसी माइक्रोस्कोप की ज़रूरत है ?चलिये ऐसी किसी चीज को देखते हैं जिसे हम देख सकते है |मान लीजिए कि मैं एक बीज को मिट्टी में बो देता हूँ ,ठीक है? तो ये बीज है जिसे मैं मिट्टी में बो रहा हूँ | पहले दिन थोड़ी सी जड़ निकलेगी दूसरे दिन ये थोड़ी और बड़ी होगी |इसके बाद तीसरे दिन ये जड़ कुछ और लंबी होगी ,पर साथ ही दो भागो में बंट भी जाएगी, और चौथे दिनजहां एक जड़ और लंबी हो जाएगी वही दूसरी जड़ दो भागों में विभाजित हो जाएगी|
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