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यहां होता है devta or dayan ka yudh | Daynapark मे अदृश्य युद्ध | daayan aur devta ki ladai

Parashar

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यहां होता है devta or dayan ka yudh | Daynapark मे अदृश्य युद्ध | daayan aur devta ki ladai

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Dayan or devta ki ladai | Gogad ki Dhar ! Dayan ka saya | dayan or devta ka last yudh यहां होता है devta or dayan ka yudh | Daynapark मे अदृश्य युद्ध | daayan aur devta ki ladai क्यों देवताओं के बीच होती है लड़ाई? डायनों का अद्भुत काल्पनिक घोघर धार में होता है हर वर्ष देवताऔ डायनो का युद्ध:डुगवांस-भादों की अमावस्या - घोघर धार मे आत्माओं और देवताओं के बीच युद्ध घोघर धार हिमाचल के मंडी जिले मे पधर तहसील के अंतर्गत आती है। जो कि मैंने सुना और देखा है इस दिन सब बुरी शक्तियों वाले लोग वहां इक्कठा होते हैं और बुरी आत्माओं का आवाह्न करते हैं। यह भी कहा जाता है कि इस दिन बुरी आत्माओं और देवताओं के बीच युद्ध होता है और उस युद्ध का सारा हाल आने वाले नवरात्रों में देवी-देवताओं के पुजारी या गुर बताते हैं। अगर इस युद्ध में देवताओं की जीत होती है तो सारा साल सुखमय रहता है और अगर बुरी शक्तियां जीत जाती हैं तो आने वाले साल में आपदा आतीं हैं। पहले मुझे घोघर धार का पता नहीं था लेकिन उस डाक्युमेंटरी को देखने के बाद पता चला कि यह किसी जगह का नाम है। वैसे तो भादों माह में सब लोग घरों के बाहर दिया जला के रखते हैं लेकिन खासकर इस अमावस्या यानि डुंगवांस के दिन सब लोग दिया जरूर जलाते हैं। इस दिन सब लोग पटाखे फोड़ते हैं और यहाँ तक कि पुराने घड़े भी आंगन में जरूर फोड़ते हैं और जोर जोर से बोलते हैं- चलिया वो डैणी डागियों अपणे हंडकुआं डिबकुंआं लेई कने घोघड़ा रिया धारा। बड़े-बुजुर्गों से मैंने सुना है कि इस दिन वे सभी सूप यानि छज्ज षर बैठकर घोघर धार जाते हैं। यह भी कहा जाता है कि इस दिन अगर चचड़, पिस्सू, पिथड़, जुंए आदि को जलाया जाए तो उन सबसे छुटकारा मिल जाता है। इस दिन हिमाचल के नीचले और ऊपरी दोनों क्षेत्रों में दहशत रहती है। देवी-देवता इन बुरी शक्तियों से युद्ध करके अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और खेलते हैं और अंगारों पर चलकर अपने भक्तों के ऊपर आने वाली आपदाओं को दूर करते हैं। इसके अलावा इस दिन के कुप्रभाव से बचने के लिए लोग पतरोड़े बनाते हैं और घरों में तिरमिरा और ग्वारपाठा(द्वारया) लटकाते हैं।डायनों की छाया से बचने के लिए डगवांस की शाम के समय घर व गौशाला के दरवाजों की चौखट के ऊपरी कोनों पर गाय के गोबर की छोटी-छोटी टिक्कियों के सहारे टिंबरे के पत्ते चिपकाकर उस पर अभिमंत्रित की गई सरसों चिपकाई जाती है। dageli in himachal pradesh dagyali himachal pradesh devta or dayan yudh devta aur dyno ka yuddh dayna park mandi himachal dayan vansh himachal devi devta devta ns dayan daayan aur devta ki ladai 2025 unseen himachal ghoghar dhar devtaon aur dyno ka yuddh brahmani mata himachali song hadimba mata devta himachal pradesh dayno ka tyohar dayan kya hoti hai dagyali nach dagaili ki raat himachal devta