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हमारो सहज सनेही श्याम।Sahaj Sanehi Shyam Hamaro || Shri Krishna Bhajan || Prem Ras Madira

Ekant Sadhana

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हमारो सहज सनेही श्याम।Sahaj Sanehi Shyam Hamaro || Shri Krishna Bhajan || Prem Ras Madira

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Ekant Sadhana
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हमारो सहज सनेही श्याम। दृग अँसुवन सों पोय हार नित, पहिरावति उर धाम । ललित-त्रिभंग अनंग-विमोहन, सुमिरति आठों याम। रसना सों निशि-वासर छिन छिन, गावति हरि गुन-ग्राम। श्रवन सुनत नित प्रियतम-चर्चा, सुधा-मधुर-मधु-नाम। हम 'कृपालु' उनके, वे मेरे, कहा जगत सों काम ।। भावार्थ - एक विरहिणी कहती है कि हमारे तो श्यामसुन्दर स्वभाव से ही प्रेमी हैं, अर्थात् उनसे प्रेम किये बिना मुझसे रहा नहीं जाता।मैं अपने प्रियतम को निरंतर ही आँसुओं की मालाएँ गूँथ-गूँथ कर अपने हृदय के ऊपर जिसमें प्रियतम का निवास है, पहनाया करती हूँ। (दोनों आँखों से आँसू बहकर दो धाराओं में होते हुए वक्षस्थल के बीच में जाकर मिल जाते हैं, जिससे एक माला का स्वरूप बन जाता है।) ग्रीवा, कमर एवं पैर तीनों जगह से टेढ़े अनन्त-कोटि कामदेवों को मोहित करने वाले श्यामसुन्दर का आठों पहर स्मरण किया करती हूँ एवं वाणी से दिन-रात प्रतिक्षण उन्हीं के गुणों को गाया करती हूँ। कानों से मैं निरंतर अपने प्रियतम की चर्चा और उनके अमृत के समान मधुरातिमधुर नाम को सुना करती हूँ। 'कृपालु' कहते हैं कि वह हमारे प्रियतम हैं और मैं उनकी प्रेयसी हूँ, संसार से मुझे क्या लेना देना है। विरह-माधुरी - 204 ----------------------------------------------------------------------------------------------------- #JagadguruShreeKripalujiMaharaj #devotionalbliss #Brajrasmadhuri #JkpPremrasmadira #Jagadgurukripaluparishat #vrindavan #barsana #raseshwariDevi #bhajan #Kripalukunj #kripalubliss #radhakunj #swamiyugalsharanji #divinepath #premrasmadira #bgsm #Jagadguttamlectures #virahsong #virahmadhuri #Kripalujimaharajlectures #brajgopikasevamission