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राजस्थान का इतिहास और कला संस्कृति | पार्ट 7 लोक संगीत | #cetexam2026 #rajasthagk

DC CLASSES DUDU 2.0 GK

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राजस्थान का इतिहास और कला संस्कृति | पार्ट 7 लोक संगीत | #cetexam2026 #rajasthagk

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राजस्थान का इतिहास और कला संस्कृति | पार्ट 7 लोक संगीत | #cetexam2026 #rajasthagk ‪@Dcclassesdudu47‬ --#rajasthangk #loksangeet #rajasthanartandculture #rpsc #rssb #cet #reet #rajasthanpolice #allajilaibai #maandogar अध्याय 7 - लोक संगीत | राजस्थान की कला एवं संस्कृति इस वीडियो में राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय लोक संगीत को विस्तार से पढ़ाया गया है। RSSB, REET, CET, Rajasthan Police, Patwar में हर साल यहाँ से 3-4 प्रश्न आते हैं। 📚 इस अध्याय में क्या पढ़ेंगे? 1. लोक संगीत का अर्थ और परिभाषा रवीन्द्र नाथ टैगोर - "संस्कृति का सुखद सन्देश ले जाने वाली कला" गाँधीजी - "लोक गीत ही जनता की भाषा है, लोक गीत हमारी संस्कृति के पहरेदार हैं" स्टैंडर्ड डिक्शनरी ऑफ फोकलोर - मौखिक परम्परा से संबद्ध काव्य रचनाएँ लोक गीत vs शास्त्रीय संगीत का अंतर 2. लोक संगीत के 3 भाग a) जन-सामान्य के गीत b) सामन्तशाही से प्रभावित c) क्षेत्रीय प्रभाव वाले गीत 3. जन-सामान्य के लोक गीत विवाह के गीत: सगाई, बधावा, चाकभात, रतजगा, मायरा, हल्दी, घोड़ी, बना-बनी, वर निकासी, तोरण, हथलेवा, कंवर कलेवा, जला, जुआ-जुई बिंदोला - रिश्तेदार के यहाँ से लौटते समय घोड़ी - घुड़चढ़ी के समय जला - बारात का डेरा देखने का उल्लेख जच्चा - शिशु जन्म पर 4. त्यौहार व पर्व गीत गणगौर व तीज - राजस्थान के विशेष पर्व प्रसिद्ध गीत: "खेलण दो गणगौर भंवर म्हाने खेलण दो गणगौर" घूमर - म्हारी घूमर छे नखराली ऋतु गीत: फाग, बीजण, शियाळा, बारहमासा, होली, चेती, कजली, चौमासा, पपैयो, बदली, मोर 5. क्षेत्रीय लोक गीत मरुस्थलीय (बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर) - ऊँचे स्वर, लम्बी धुन - कुरजां, पीपली, रतन राणो, मूमल, घूघरी, केवड़ा - जातियाँ: कामड़, भोपे, लंगे, मिरासी दक्षिणी पहाड़ी (उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा) - भील, मीणा, गरासिया, सहरिया - पटेल्या, बीछियो, लालर, हेमसीढ़ो समतलीय (जयपुर, कोटा, अलवर, भरतपुर, करौली) - भक्ति व श्रृंगार रस 6. माँड गायिकी पद्मश्री अल्लाह जिल्लाई बाई - पधारो म्हारे देस प्रकार: उदयपुर, जोधपुर, जयपुर-बीकानेर, जैसलमेर की माँड दोहे - देस व सोरठ पर, वीर गीत - सिन्धु और मारू राग पर 7. बहुत महत्वपूर्ण ट्रिक शृंगार रस के गीत सर्वाधिक (वियोग शृंगार का कारण - पुरुषों का परदेश गमन) लांगुरिया - कैला देवी (करौली), लोवड़ी/हरणी (लड़कों के) और घड़ल्यो (लड़कियों के) - दीपावली से 15 दिन पहले - मेवाड़ व्यवसायिक जातियाँ - ढोली, मिरासी, लंगा, ढाढ़ी, कलावन्त, भाट, राव, जोगी, कामड़ #rajasthangk #loksangeet #rajasthanartandculture #rpsc #rssb #cet #reet #rajasthanpolice #allajilaibai #maand