Parvati // slowed+revers Bhajan // Lofi Bhajan
Lofi Version Lover
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Parvati // slowed+revers Bhajan // Lofi Bhajan
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Jab zid par aa gyi parvati slowed+revers Bhajan // Lofi Bhajan
LYRICS:
जब ज़िद पे आ गई पार्वती
समझाने पहुँचे सप्तऋषि
काय ज़िद कर रही
काय को मर रही
ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डाले फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
ना खपरा ना छपरा
ना फूस की धरे मड़इया
का खावे को धरो वहाँ
बस रोवत रहत लड़इया
भेष धरे अवधूत फिरे, अब तुमसे का कहे बिन्नू
डोरा डांगर ले घूमें
वे इनके कछुए नइयाँ
काय ज़िद कर रही
काय को मर रही
ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डाले फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ
जटा लटा न कबहुँ सँवारे,
दीसत महा भयंकर।
मूड़ पे आधो चंदा और,
बेला पे घूमे शंकर
राम नाम के रसिया हैं वे
और उन्हें क्या चाहने
कामदेव के मर्दनहारी
घर-गृहस्थी क्या जाने
अरे घर-गृहस्थी क्या जाने
काय ज़िद कर रही
काय तप कर रही
ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डाले फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं, सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ