Gita Adhyay 2 | श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीय अध्याय - सांख्य योग | Full Path | Adhyatmik Shruti
Adhyatmik Shruti
0:00 / 0:00
Gita Adhyay 2 | श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीय अध्याय - सांख्य योग | Full Path | Adhyatmik Shruti
29 просмотров · 2 месяца назад
Adhyatmik Shruti
34 подписчика
29 просмотров · 2 месяца назад
जय श्री कृष्णा! 🙏
'अध्यात्मिक श्रुति' (Adhyatmik Shruti) चैनल में आप सभी साधकों का हार्दिक स्वागत है।
आज के इस विशेष वीडियो में हम 'श्रीमद्भगवद्गीता' के द्वितीय अध्याय, "सांख्य योग" (Sankhya Yog) का सम्पूर्ण पावन पाठ श्रवण करेंगे। यह अध्याय भगवद्गीता का हृदय माना जाता है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण अर्जुन के मोह और विषाद को दूर करते हुए आत्मा की अमरता, निष्काम कर्मयोग और स्थितप्रज्ञ पुरुष के लक्षणों का पावन उपदेश देते हैं।
🌸 प्रमुख विषय (Timestamps):
0:00 - मंगलाचरण एवं परिचय
0:35 - अर्जुन का कायरतापूर्ण सम्मोह और श्री कृष्ण की सीख
2:10 - अर्जुन का श्री कृष्ण की शरण में जाना
3:45 - आत्मा की अमरता (अविनाशी आत्मा का ज्ञान)
7:00 - स्वधर्म और क्षत्रिय धर्म का महत्व
9:15 - निष्काम कर्मयोग ("कर्मण्येवाधिकारस्ते...")
12:30 - स्थितप्रज्ञ (स्थिर बुद्धि) पुरुष के लक्षण
📖 प्रमुख विचार:
"वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि।
तथा शरीराणि विहाय जीर्णा न्यन्यानि संयाति नवानि देही॥"
(जैसे मनुष्य पुराने वस्त्रों को त्यागकर नए वस्त्र धारण करता है, वैसे ही आत्मा पुराने शरीर को छोड़कर नया शरीर प्राप्त करती है।)
✨ यदि आपको यह पाठ और प्रस्तुति पसंद आयी हो, तो कृपया वीडियो को Like करें, Share करें और हमारे चैनल 'Adhyatmik Shruti' को Subscribe करके बेल आइकन जरूर दबाएं।
जय श्री कृष्णा! जय श्री राधे! 🌺
---
#BhagavadGita #GitaAdhyay2 #SankhyaYog #AdhyatmikShruti #ShrimadBhagwatGita #GitaPathHindi #LordKrishna #KarmaYoga #NishkamKarma #DevotionalHindi