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क्या किसी को याद करना भी मोहब्बत है?

Shivam

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क्या किसी को याद करना भी मोहब्बत है?

24 просмотра · 7 дн. назад
Shivam
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24 просмотра · 7 дн. назад
कुछ किताबें ऐसी होती हैं जिन्हें पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे कोई हमारे दिल की उन बातों को शब्द दे रहा हो, जिन्हें हम कभी किसी से कह नहीं पाए। ❤️ आज बात कर रहा हूँ “इतना ही काफ़ी है मुझे” की, जिसे रुतिका चांदविलकर जी ने लिखा है। यह एक खूबसूरत हिंदी कविता-संग्रह है, जिसमें प्यार, अधूरी मोहब्बत, बिछड़ने का दर्द, पुरानी यादें, अनकहे जज़्बात और रिश्तों की उलझनों को बहुत ही सरल लेकिन भावुक अंदाज़ में पिरोया गया है। इस किताब को पढ़ते हुए कई बार कुछ पंक्तियाँ ऐसी मिलीं, जिन पर मैं थोड़ी देर ठहर गया। कुछ एहसास अपने-से लगे, कुछ ने पुरानी यादें ताज़ा कर दीं और कुछ ने रिश्तों को एक अलग नज़रिए से देखने पर मजबूर किया। इस वीडियो में मैंने इस किताब के बारे में अपने बिल्कुल genuine thoughts और एक पाठक के तौर पर अपना अनुभव साझा किया है। साथ ही लेखिका की writing style और उन भावनाओं की भी बात की है, जो इस संग्रह को खास बनाती हैं। अगर आपको हिंदी कविताएँ, मोहब्बत और दिल से जुड़े एहसास पढ़ना पसंद है, तो शायद यह किताब आपको भी पसंद आएगी। कभी-कभी किसी का साथ नहीं, बस उसकी यादें ही काफ़ी होती हैं। ❤️ 📖 Book: इतना ही काफ़ी है मुझे ✍️ Author: रुतिका चांदविलकर (Rutika Chandvilkar) Available on Amazon अगर आपने यह किताब पढ़ी है, तो कमेंट में अपना अनुभव ज़रूर बताइए। और अगर नहीं पढ़ी, तो वीडियो देखने के बाद बताइएगा कि आपको यह किताब कैसी लगी। आपका प्यार और सपोर्ट हमेशा ऐसे ही बनाए रखिए। ❤️ #इतना_ही_काफ़ी_है_मुझे #RutikaChandvilkar #HindiPoetry #BookReview #HindiBookReview #PoetryCollection #BookLovers #BookReviewHindi #IndianReaders #Moread