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Rajrappa Mandir II Happy Diwali II Jharkhand Darpan Show II Episode 2

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Rajrappa Mandir II Happy Diwali II Jharkhand Darpan Show II Episode 2

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झारखंड की राजधानी रांची से महज 75 किमी की दूरी पर एक ऐसा मंदिर है जो विश्वविख्यात है. इसका नाम है मां छिन्नमस्तिके मंदिर. इसे रजरप्पा मंदिर के नाम से भी कई लोग जानते हैं. पटना रांची सड़क पर स्थित रामगढ़ से रजरप्पा की दूरी महज 28 किमी है. इस मंदिर और यहां विराजमान देवी के बारे में कई कहानियां सुनी और सुनाई जाती है. मन्नतों और मुरादों को पूरा करने वाली देवी मां छिन्नमस्तिका मंदिर में देश के कोने कोने से लोग आते हैं. असम के कामाख्या मंदिर के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े शक्तिपीठ के रूप में विख्यात है मां छिन्नमस्तिके का मंदिर. ऐसा माना जाता है कि वह व्यक्ति जो माता छिन्नमस्तिका को पवित्र दिल से पूरी तरह से दिल से समर्पित करता है, उसकी सारी इच्छाएं देवी द्वारा पूरी की जाती हैं. आज देखिए हमारी खास पेशकश ... रजरप्पा दामोदर और भैरवी नदी संगम पर बसा है. नीचे दामोदर और ऊपर भैरवी. यहां छिन्नमस्तिका मंदिर के अलावा महाकालि मंदिर, सूर्य मंदिर, दस महाविद्या मंदिर, बाबाधाम मंदिर,हनुमान मंदिर, शंकर मंदिर विराट रूप मंदिर के नाम से कुल सात मंदिर है. यहां पर कतार में बने महाविद्या का मंदिर देवी के रूप और इस जगह को और रहस्मय बना देता है. इस मंदिर में नवरात्र को छोड़कर रोजाना 150-200 बकरों की बलि दी जाती है. यहां पहुंचे मां के भक्त तब हैरान हो जाते हैं जब इतनी मात्रा में रक्त बहने के बाद भी कहीं भी एक भी मक्खी नजर नहीं आता. जो लोग बकरों की बलि नहीं देते वो नारियल फोड़कर मां को अर्पित करते हैं. शनिवार और रविवार को इस मंदिर में भक्तों का रेला लगता है. ऐसा माना जाता है कि मंदिर परिसर में पत्थर पर धागा बांधने से हर मुराद पूरी हो जाती है. वैसे तो यहां साल भर भक्त आते हैं मगर सावन माह, नवरात्र और हर माह की अमावस्या व पूर्णिमा के दिन ज्यादा भीड़ जुटती है. रजरप्पा सड़क मार्ग से जुड़ा है. मंदिर की ओर जाने वाली सड़कें काफी अच्छी बनी है.अगर आपके पास अपना वाहन नहीं है तो रामगढ़ से ऑटो या टैक्सी आसानी से मिल जाता है. रजरप्पा मंदिर शक्तिपीठ होने के साथ-साथ पर्यटन का मुख्य केंद्र भी है. पहाड़ी घाटी दामोदर और भैरवी नदी का संगम इस जगह को खास बनाता है. वैसे तो आप यहां किसी भी माह जा सकते हैं लेकिन सर्दियों के दौरान यहां गर्म पानी और ठंड इस मंदिर में सुंदरता जोड़ता है. सर्दियों के दौरान यह पिकनिक स्थान में बदल जाता है. ज्यादातर श्रद्धालु यहां खुद खाना बनाकर खाते हैं. रजरप्पा में एक छोटा बाजार भी हैं जहां प्रसाद के साथ खाने पीने की भी भरपूर व्यवस्था है. झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के सभी कोनों से भक्त पूरे वर्ष इस पवित्र स्थान पर जाते हैं. यहां से निकटतम एयरपोर्ट रांची है जबकि सबसे पास का रेलवे स्टेशन रामगढ़ कैंट. रामगढ शहर पटना-रांची मार्ग पर है इसलियए यहां आने जाने के लिए साधनों की कमी नहीं है. वैसे तो यहां दर्शन-पूजन का काम एक दिन में पूरा हो जाता है मगर फिर भी रात में रुकना पड़े तो चिंता की कोई बात नहीं. मंदिर परिसर के पास ही धर्मशाला है. इसके अलावा गेस्ट हाउस भी आसानी से उपलब्ध हैं. खाना खाने के लिए यहां कई होटेल्स है जहां वेज और नॉनवेज दोनों प्रकार का भोजन उपलब्ध है. रजरप्पा में ही पुिलस स्टेशन है इस कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद है. ..तो अगर आप झारखंड आते हैं रजरप्पा जरूर जाए..मां की पूजा के साथ मनोहरी छटा का भी लुत्फ उठाए www.prabhatkhabar.com Install Prabhat khabar Android App:https://play.google.com/store/apps/de... Like prabhat khabar on Facebook:   / prabhat.khabar   Follow Prabhat khabar on Twitter:  / prabhatkhabar      / prabhatkhabartv   instagram.com/prabhbatkhabar.fb वर्ष 1984 में स्थापित न्यूट्रल पब्लिशिंग हाउस लिमिटेड भारत के शीर्ष मीडिया एवं संचार समूहों में एक है. यह झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में सक्रिय है. इसके फ्लैगशिप ब्रांड का नाम है प्रभात खबर. कंपनी मोबाइल और गांवों के लिए निकलने वाले साप्ताहिक समाचार पत्र के जरिये इवेंट एवं आउटडोर, इंटरनेट, वैल्यू ऐडेड सर्विसेज भी देती है. प्रभात खबर महज एक समाचार पत्र नहीं है. यह लोगों की आवाज और आत्मा बन चुकी है. पत्रकारिता को समर्पित इस समाचार पत्र ने पत्रकारीय धर्म और उसके पारंपरिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया. इस संस्थान ने सदैव पत्रकारिता के मूल्यों का पालन किया. आज के दिन में प्रभात खबर भारत के सबसे ज्यादा प्रसारित हिंदी समाचार पत्रों की लिस्ट में सातवें नंबर (IRS Q4 2012) पर है. पाठक संख्या की वृद्धि के मामले में देश के 10 सबसे तेजी से बढ़ते हिंदी समाचार पत्रों में यह अखबार शीर्ष पर था. इस समाचार पत्र की संपादकीय टीम ने सुशासन और पाठक केंद्रित ऐसे विषयों को उठाया, जो आगे चलकर मुद्दा बन गया. प्रभात खबर रांची, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, कोलकाता और सिलीगुड़ी में प्रकाशित और प्रसारित होता है.