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सुप्रीम कोर्ट फैसले से उपनल कर्मी खुश | UPNL Employees Regularization | संविदा, आउटसोर्स, PRD News

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सुप्रीम कोर्ट फैसले से उपनल कर्मी खुश | UPNL Employees Regularization | संविदा, आउटसोर्स, PRD News

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सुप्रीम कोर्ट उपनल कर्मी खुश | UPNL Samvida Employees Regularization | संविदा, आउटसोर्स, PRD News हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील खारिज उपनल मामले में दखल नहीं देगा सुप्रीम कोर्ट दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है, जिसमें राज्य सरकार के विभागों में उपनल द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करने का आदेश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से दाखिल अपीलों (विशेष अनुमति याचिका) को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने सोमवार को पारित फैसले में कहा कि वे उच्च न्यायालय के फैसले में दखल देने के इच्छुक नहीं हैं। इसके साथ ही पीठ ने उत्तराखंड सरकार की ओर से संबंधित अर्जियों का निपटारा भी कर दिया। क्या है मामला: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 2018 में कुंदन सिंह और अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर विचार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह समय-समय पर तैयार की गई नियमितीकरण योजनाओं के अनुसार एक वर्ष की अवधि के भीतर चरणबद्ध तरीके से के माध्यम से नियुक्त किए गए कर्मचारियों को नियमित करे। सुप्रीम फैसले से उपनल कर्मचारियों में जगी उम्मीद देहरादून। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार की एसएलएपी के सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने से उपनल कर्मचारियों में सुरक्षित भविष्य की उम्मीद जाग गई। उपनल कर्मचारी पिछले छह साल से हाईकोर्ट के वर्ष 2018 के नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन के आदेश को लागू करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मंगलवार शाम फैसले की खबर के बाद उपनल कर्मचारियों ने परस्पर मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। कर्मचारी संघ ने याचिका में लगाए थे कई आरोप उपनल संविदा कर्मचारी संघ ने 2018 में दाखिल याचिका में आरोप लगाया था कि राज्य सरकार और स्थानीय निकाय कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। कर्मचारियों को 8,400 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन वेतन से 18 फीसदी जीएसटी और 2.5 फीसदी सेवा कर की कटौती हो रही है। याचिका में कहा गया था कि प्रत्येक कर्मी पर प्रशासनिक, अनुशासनात्मक और वित्तीय नियंत्रण उस प्रतिष्ठान का है, जिसमें वे काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के वेतन से टैक्स काटने पर लगाई थी रोक उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि उपनल से नियुक्त कर्मचारियों को छह महीने की अवधि के भीतर भुगतान किए जाने वाले बकाया के साथ महंगाई भत्ते के साथ न्यूनतम वेतनमान दें। उच्च न्यायालय ने यह भी फैसला दिया था कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग उपनल कर्मचारियों के वेतन से कोई जीएसटी या सेवा कर नहीं काटें। ----------------------------------------------- Our Social media link *Like the Facebook Page:   / howtosikhe   *Follow on Google+: https://plus.google.com/howtosikhe1 *Follow on Twitter:   / howtosikhe   *Follow on Instagram:   / howtosikhe   ----------------------------------------------------------- Copyright Disclaimer Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use