हम पर्यावरण के प्रेमी हैं | खेजड़ी बचाओ आंदोलन गीत | अमृता देवी बिश्नोई | Bharmal Godara
Bharmal Godara
0:00 / 0:00
हम पर्यावरण के प्रेमी हैं | खेजड़ी बचाओ आंदोलन गीत | अमृता देवी बिश्नोई | Bharmal Godara
2 313 просмотров · 7 месяцев назад
Bharmal Godara
71,3 тыс. подписчиков
2 313 просмотров · 7 месяцев назад
“हम पर्यावरण के प्रेमी हैं, हम दिल से नेक नेमी हैं”
यह गीत खेजड़ी वृक्ष, अमृता देवी बिश्नोई के ऐतिहासिक खेजड़ली बलिदान और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है।
हाल ही में बीकानेर में हुए खेजड़ी संरक्षण आंदोलन के समय यह गीत बनाया गया, जिसका उद्देश्य समाज को प्रकृति के महत्व के प्रति जागरूक करना और खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए सरकार से कड़े कानून बनाने की मांग को स्वर देना है।
खेजड़ी (Prosopis cineraria) राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाती है। यह वृक्ष मरुस्थल में जीवन और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
खेजड़ी वृक्ष के प्रमुख लाभ:
• वातावरण को शुद्ध कर ऑक्सीजन प्रदान करता है
• मरुस्थलीय पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखता है
• मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है
• पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराता है
• राजस्थान के पर्यावरण और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है
1730 के खेजड़ली बलिदान में अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 लोगों ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। यह घटना विश्व इतिहास में पर्यावरण संरक्षण की सबसे महान मिसालों में से एक है।
यह गीत उसी महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज और सरकार से अपील करता है कि खेजड़ी वृक्षों और पर्यावरण की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाए जाएं और उनका पालन सुनिश्चित किया जाए।
🙏 वीडियो देखें
👍 Like करें
💬 Comment करें
📤 Share करें
🔔 Channel Subscribe करें
Singer: Bharmal Godara
Genre: Rajasthani Folk / Bishnoi Bhajan
Theme: Environment Protection | Khejri Tree | Amrita Devi | Khejarli Sacrifice
⚠️ Copyright Notice
इस वीडियो या ऑडियो की किसी भी प्रकार की कॉपी बनाना Copyright Act एवं YouTube Guidelines का उल्लंघन है।
#Khejri
#SaveKhejri
#KhejriTree
#KhejriAndolan
#Khejarli
#KhejarliMassacre
#AmritaDevi
#AmritaDeviBishnoi
#GuruJambheshwar
#Jambhoji
#Bishnoi
#BishnoiBhajan
#BishnoiSong
#RajasthaniBhajan
#RajasthaniSong
#RajasthaniFolk
#MarwadiBhajan
#EnvironmentSong
#SaveTrees
#NatureProtection
#BharmalGodara
#BharmalPatwari
#BishnoiHistory
#DesertNature