मित्र सोच-समझकर चुनिए और उन्हें सँभालकर रखिए | ऋग्वेद
Sanatan
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मित्र सोच-समझकर चुनिए और उन्हें सँभालकर रखिए | ऋग्वेद
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Sanatan
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फ़ोन में पाँच सौ नंबर। सैकड़ों फ़ॉलोअर। फिर एक रात सुनसान सड़क पर गाड़ी ख़राब हो जाती है, आप पूरी सूची देखते हैं,
दोस्तियाँ शायद ही कभी झगड़े से ख़त्म होती हैं। वे चुप्पी से ख़त्म होती हैं।
इस वीडियो के मंत्र:
ऋग्वेद 1.94.1: "हे अग्नि, तुम्हारी मित्रता में हमें कोई हानि न हो।"
संस्कृत: https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4...
ऋग्वेद 5.64.3: "लोग इस प्रिय मित्र की देखरेख में सुरक्षित चलते हैं, जो किसी को हानि नहीं पहुँचाता।"
संस्कृत: https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4...
ऋग्वेद 10.6.2: "वे अपने मित्रों के पास मित्रता लेकर आते हैं, उस तेज़ घोड़े की तरह जो कभी ठोकर नहीं खाता।"
संस्कृत: https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4...
ऋग्वेद 7.68.7: "भुज्यु के दुष्ट मित्रों ने उसे समुद्र के बीच छोड़ दिया।"
संस्कृत: https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4...
ऋग्वेद 10.23.7: "मित्रता का यह बंधन कभी न टूटे।"
संस्कृत: https://sa.wikisource.org/wiki/%E0%A4...
परदे पर दिए अर्थ इस चैनल के सरल अनुवाद हैं, जो संस्कृत के साथ ग्रिफ़िथ के अनुवाद को देखकर बनाए गए हैं। हर मंत्र अपने संदर्भ के साथ दिखाया जाता है, ताकि आप ख़ुद जाँच सकें।
शोध:
Holt-Lunstad et al. (2010). Social relationships and mortality risk: a meta-analytic review. PLoS Med
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/20668...
Liu et al. (2023). The surprise of reaching out: Appreciated more than we think. J Pers Soc Psychol
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/35816...
क्या करें:
पहला, ईमानदारी से गिनिए कि रात के दो बजे बुलाने पर कौन आएगा। उनके नाम लिख लीजिए।
दूसरा, आग को सँभालिए। इस हफ़्ते किसी पुराने मित्र को एक छोटा सा, ख़ास संदेश भेजिए। यह अटपटा नहीं लगेगा।
तीसरा, वह घोड़ा बनिए जो ठोकर नहीं खाता। अस्पताल हो, अंतिम संस्कार हो, या घर बदलने का दिन, वहाँ पहुँचिए।
चौथा, पहचानिए कि कौन आपको समुद्र के बीच छोड़ जाता है। उनसे अच्छे से पेश आइए, पर थोड़ी दूरी बना लीजिए।
सात दिन आज़माइए:
अब सात दिन, अपनी दोस्तियाँ सँभालिए।
हर दिन किसी मित्र को एक सच्चा संदेश भेजिए। कोई फ़ॉरवर्ड नहीं, बल्कि उन्हीं के बारे में अपनी लिखी एक पंक्ति।
इस सप्ताह एक बार, किसी ऐसे को फ़ोन कीजिए जिससे साल भर से बात नहीं हुई।
सातवें दिन, किसी एक मित्र से आमने-सामने मिलिए, फ़ोन दूर रखकर।
अध्याय:
0:00 शुरुआत
0:18 यह क्यों ज़रूरी है
0:36 वेद में
1:02 मंत्र
1:49 शोध
2:24 क्या करें
2:59 सात दिन का अभ्यास
3:19 अंत में
इस वीडियो में सिखाए गए सूक्त (ऋग्वेद): 1.75, 1.94, 2.25, 4.16, 4.44, 5.24, 5.50, 5.64, 6.27, 6.29, 6.55, 7.9, 7.68, 9.45, 9.66, 9.101, 9.105, 9.107, 10.6, 10.23, 10.112, 10.113
"दैनिक जीवन के लिए ऋग्वेद" का वीडियो 6। हर वीडियो में रोज़ की ज़िंदगी की एक सीख, जब तक हर सूक्त पूरा न हो जाए।
यह सामान्य जानकारी है, डॉक्टरी या क़ानूनी सलाह नहीं। सेहत की किसी परेशानी में डॉक्टर को दिखाइए।