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Ganapati Phi Aana | गणपति विसर्जन भजन | Mann Mandir Naad

Mann Mandir Naad

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Ganapati Phi Aana | गणपति विसर्जन भजन | Mann Mandir Naad

60 просмотров · 7 дней назад
Mann Mandir Naad
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गणपति विसर्जन भजन — *“फिर आना गणराया”* *मुखड़ा* गणराया, गणराया, आज विदा हम करते हैं आँखों में थोड़ी नमी लिए, दिल से तुझको रखते हैं *फिर आना गणराया,* *फिर आना गणराया* अपने भक्तों के आँगन में, फिर खुशियाँ तू लाना *अंतरा 1* तेरे आने से घर में, रौनक छा जाती है तेरे नाम की धुन सुनकर, हर धड़कन मुस्काती है जो माँगा वो दिया हमें, जो ना माँगा वो भी दिया तेरे चरणों में रख दिया, हमने अपना हर ग़म-शिकवा *मुखड़ा* गणराया, गणराया, आज विदा हम करते हैं आँखों में थोड़ी नमी लिए, दिल से तुझको रखते हैं *फिर आना गणराया,* *फिर आना गणराया* अपने भक्तों के आँगन में, फिर खुशियाँ तू लाना *अंतरा 2* ढोल बजे और रंग उड़े, गूँजे जय-जयकार तेरी भक्ति में झूम रहा, आज ये सारा संसार मिट्टी में तू आज समाए, मन में सदा रहेगा जिस घर में तेरा नाम बसे, वहाँ सुख ही सुख रहेगा *ब्रिज / भावपूर्ण हिस्सा* मत समझो ये दूरी है, बस थोड़ी सी मजबूरी है आज जा रहे हो बप्पा, कल फिर आने की तैयारी है *गणपति बप्पा मोरया,* *मंगल मूर्ति मोरया* *अगले बरस तू जल्दी आ,* *गणपति बप्पा मोरया!* *अंतिम मुखड़ा — धीरे शुरू होकर बड़ा करें* फिर आना गणराया… फिर आना गणराया… सूना-सूना लगे ये आँगन, जब तू दूर चला जाए… फिर आना गणराया… फिर आना गणराया… **अगले बरस नहीं बप्पा, हर बरस तू आना…** *गणपति बप्पा मोरया!* *मंगल मूर्ति मोरया!*