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रुद्रायमल तंत्र किस प्रकाशन का पढ़ें #bookreview #rudrayamaltantra #rudra #shiv #tantra #mantra

Vishal Epics

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रुद्रायमल तंत्र किस प्रकाशन का पढ़ें #bookreview #rudrayamaltantra #rudra #shiv #tantra #mantra

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इस बुक को मनाने हेतु नीचे लिंक पर क्लिक करें 👇 https://saraswatiprakashan.com/produc... https://buyspiritualbooks.com/product... CHAUKHAMBHA PRAKASHAN Publisher & Distributors of Sanskrit & Ayurveda Books ARPIT GUPTA 9999824612, 89510 58573 Gopal Mandir Lane, Varanasi-221001 (India) Tel.: +91-0542-2335929 Email: chaukhambha.prakashan@gmail.com Chaukhamba Publishing House Neeraj Gupta 9811133683 4697/2, 21-A, Ansari Road, Darya Ganj, Dayanand Rd, Daryaganj, New Delhi, Delhi 110002 तन्त्रशास्त्र में शक्ति उपासना कुण्डलिनी जागरण के नाम से प्रसिद्ध है इसमें शिव शक्ति का अद्भुत सामरस्य होता है कुण्डलिनी को ही महाशक्ति माना गया है यह जाग्रत होने पर ऋतम्भरा शक्ति या दिव्य ज्ञान को प्रकट कर देती है उसकी दिव्य क्रीड़ा साधक को दिव्य ज्ञान से सम्पन्न कर देती है और लोकोत्तर दिव्य आनन्द प्रदान करती है । कुण्डलिनी की सात्त्विक उपासना - विधि रुद्रयामलतन्त्र में वर्णित है पशुभाव, वीरभाव और दिव्य भाव इस विधि के सोपान हैं । कुण्डलिनी, शतनाम, कुमारी सहस्त्रनाम स्तोत्र एवं कवच आदि के पाठ से साधक देवताओं के समान बन जाता है वस्तुतः सर्वशक्तिमान् परमेश्वर की चिच्छक्ति को 'शक्ति' के नाम से अभिहित किया गया है इनकी काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी आदि दश महाविद्या के रूपों में उपासना की जाती है। शक्ति की उपासना कई प्रकार से होती है इनमें अहिंसात्मक पद्धति, जिसमें किसी तामसी या अपवित्र वस्तुओं का प्रयोग नहीं होता, सर्वोत्तम साधना है इसी पद्धति से काली, तारा, त्रिपुरा आदि की उपासना भी विशेष फलवती होती है । यह अहिंसात्मक पद्धति 'समयाचार' के नाम से प्रसिद्ध है रुद्रयामल तन्त्र में इन सभी का विवेचन आनन्द भैरव एवं आनन्द भैरवी के है । संवाद के बीच हुआ रुद्रयामल के ६० पटलों में विभिन्न सहस्रनामों, स्तोत्रों एवं कवचों का विधान कर पञ्चमकार का सांकेतिक गूढार्थ प्रतिपादित कर सभी पूजाविधान के मूल प्रधान उपासना को ही सर्वोपरि बताया गया है। में भाव- - भावेन लभ्यते सर्वं भावेन देवदर्शनम् भावेन परमं ज्ञानं तस्माद् भावावलम्बनम् ।। ( रुद्र० १.११३ ) अन्ततः श्रीकुलकुण्डलिनी से उद्धार की प्रार्थना इस प्रकार की गई है । त्वामाश्रित्य नरा व्रजन्ति सहसा वैकुण्ठकैलासयोः आनन्दैकविलासिनीं शशिशतानन्दाननां कारणाम् मातः श्रीकुलकुण्डली प्रियकरे काली कुलोद्दीपने तत्स्थानं प्रणमामि भद्रवनिते मामुद्धर त्वं पशुम् । ( रुद्र० ६.३६ ) I have not taken any kind of money for the promotion of this book, this book review is absolutely free. back ground music in use Kindmaster ,intro by intomakar My Others Social Link @drvishalvlog456 @VishalAyurvedAmratanaam @ayurvedoamratanaamdrvishal7177 Other You tube channel    / vishalayurvedamratanaam      / ayurvedoamratanaamdrvishalshivhare      / vishalepics   Instagram-:   / cozi3lcnu4x   https://www.instagram.com/ Facebook-: https://www.facebook.com/Vishal-Epics...   / vnshivhare   Twittter-: https://twitter.com/home?lang=en Thanks for watching रुद्रायमल तंत्र किस प्रकाशन का पढ़ें #bookreview #rudrayamaltantra #rudra #shiv #tantra #mantra #vishalepic