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नर्मदा-सोन घाटी मध्य प्रदेश का एक प्रमुख और सबसे निचला भौगोलिक प्रदेश है।

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नर्मदा-सोन घाटी मध्य प्रदेश का एक प्रमुख और सबसे निचला भौगोलिक प्रदेश है। यह उत्तर में विंध्याचल पर्वत श्रेणी और दक्षिण में सतपुड़ा-मैकाल श्रेणी के बीच स्थित एक संकरी और लंबी भ्रंश (रिफ्ट) घाटी है। मुख्य विशेषताएं: • क्षेत्रफल एवं विस्तार: यह मध्य प्रदेश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 26% से 27.92% भाग घेरती है (क्षेत्रफल करीब 86,000 वर्ग किलोमीटर)। • औसत ऊँचाई: यह राज्य का सबसे नीचा भाग है, जिसकी औसत ऊँचाई लगभग 300 मीटर है। • प्रमुख नदियाँ: इस घाटी की मुख्य नदियाँ नर्मदा और सोन हैं, साथ ही इनकी सहायक नदियाँ भी यहाँ बहती हैं। • मिट्टी और कृषि: • पश्चिमी भाग: यहाँ काली मिट्टी पाई जाती है, जहाँ मुख्य रूप से कपास, सोयाबीन, गेहूँ और चना की खेती होती है। • पूर्वी भाग: यहाँ लाल एवं पीली मिट्टी मिलती है, जिसमें चावल और मूँगफली की खेती प्रमुख है। • प्रमुख जिले: इसके अंतर्गत जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), रायसेन, खंडवा, धार और देवास आदि जिले आते हैं। • खनिज सम्पदा: जबलपुर क्षेत्र में संगमरमर और सुरमा तथा पूर्वी भाग में कोयला एवं चूना पत्थर पाया जाता है। • जलवायु: यहाँ सामान्य मानसूनी जलवायु पाई जाती है, जिसमें पश्चिम से पूर्व की ओर जाने पर वर्षा की मात्रा बढ़ती है।