Перейти к содержимому

०१२६९ अरे भिक्षुक ! तेरी भिक्षुकवृत्ति छोड़ और ज्ञान पिटारा खोल के अनंत गुणों के ख़ज़ाने को भोग !

Moksharthi Pariwar

0:00 / 0:00

०१२६९ अरे भिक्षुक ! तेरी भिक्षुकवृत्ति छोड़ और ज्ञान पिटारा खोल के अनंत गुणों के ख़ज़ाने को भोग !

2 391 просмотр · 3 дн. назад
Moksharthi Pariwar
8,51 тыс. подписчиков
2 391 просмотр · 3 дн. назад
BV78/172.1/Bol 414