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रावण का प्रथम उल्लेख! दशरथ जी क्यों हुए इतने व्याकुल? | वाल्मीकि रामायण कक्षा–16 | बालकाण्ड

आचार्य रमेश आर्य Ach.Ramesh Arya

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रावण का प्रथम उल्लेख! दशरथ जी क्यों हुए इतने व्याकुल? | वाल्मीकि रामायण कक्षा–16 | बालकाण्ड

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वाल्मीकि रामायण की कक्षा–16 में बालकाण्ड के एकादश सर्ग, श्लोक 16 से 25 का क्रमपूर्वक अध्ययन किया गया है। महर्षि विश्वामित्र जी श्रीराम जी को यज्ञ-रक्षा के लिए अपने साथ ले जाना चाहते हैं, परन्तु महाराज दशरथ जी का हृदय पुत्र-वियोग की कल्पना से अत्यन्त व्याकुल हो उठता है। वे श्रीराम जी की अल्पायु और युद्ध-अनुभव का उल्लेख करते हैं, स्वयं सेना सहित चलने का प्रस्ताव रखते हैं और अन्ततः राक्षसों की वास्तविक शक्ति तथा उनके पीछे कार्य करने वाली शक्ति के विषय में प्रश्न करते हैं। यहीं रामायण की कथा में पहली बार रावण का स्पष्ट उल्लेख सामने आता है। महर्षि विश्वामित्र जी बताते हैं कि रावण के प्रभाव और प्रेरणा से मारीच तथा सुबाहु यज्ञ में विघ्न डालते हैं। इस कक्षा से हमें अनेक महत्त्वपूर्ण जीवन-सन्देश मिलते हैं—प्रेम और मोह में क्या अन्तर है? योग्य गुरु शिष्य की वर्तमान स्थिति से आगे उसके भविष्य को कैसे देखता है? और किसी समस्या का समाधान करने से पहले उसके मूल कारण को पहचानना क्यों आवश्यक है? 📖 पाठ्यक्रम वाल्मीकि रामायण — कक्षा 16 बालकाण्ड — एकादश सर्ग श्लोक — 16 से 25 अध्यापक — आचार्य रमेश आर्य अध्यात्म ज्ञानधारा ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ 🌿 अध्यात्म ज्ञानधारा से जुड़ें 📱 WhatsApp संपर्क https://wa.me/919537649082 📲 अध्यात्म ज्ञानधारा App https://play.google.com/store/apps/de... ▶️ YouTube    / @ach.ramesharya7666   📢 WhatsApp Channel https://whatsapp.com/channel/0029VaDm... 📘 Facebook   / 1cnjncucik   📸 Instagram   / ach.ramesharya   ✈️ Telegram https://t.me/adhyatmagyanganga ━━━━━━━━━━━━━━━━━━ अध्यात्म ज्ञानधारा — वैदिक अध्ययन, साधना एवं संस्कार #वाल्मीकि_रामायण #रामायण #बालकाण्ड #श्रीराम #महर्षि_विश्वामित्र #महाराज_दशरथ #रावण #मारीच #सुबाहु #रामायणकथा #वैदिकज्ञान #धर्म #संस्कार #आचार्यरमेशआर्य #अध्यात्मज्ञानधारा #ValmikiRamayana #Ramayana #ShriRam #AcharyaRameshArya