🪔श्री राम जी की आरती 🪔
ParamBandnaBhakti
0:00 / 0:00
🪔श्री राम जी की आरती 🪔
164 просмотра · 7 дней назад
ParamBandnaBhakti
77 подписчиков
164 просмотра · 7 дней назад
🪔 श्री राम जी की आरती 🪔
जय श्री राम, दीनों के स्वामी
॥ आरती का मुखड़ा ॥
आरती गाएँ श्रीराम की,
मर्यादा पुरुषोत्तम नाम की।
सीता माता के प्राण प्यारे,
जय हो प्रभु रघुवर हमारे॥
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय सियाराम, जय श्रीराम॥
॥ अंतरा 1 ॥
अयोध्या में जन्म लिया है,
जग को प्रेम का पथ दिखाया।
सत्य, धर्म की राह पर चलकर,
जीवन का आदर्श बनाया॥
दशरथ नंदन, कौशल्या प्यारे,
भक्तों के तुम हो रखवारे॥
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय सियाराम, जय श्रीराम॥
॥ अंतरा 2 ॥
वन में जाकर धर्म निभाया,
पिता का वचन सदा अपनाया।
सीता-लक्ष्मण संग वन विचरे,
धीरज का संदेश सुनाया॥
दीन-दुखी के तुम हितकारी,
करुणा के सागर सुखकारी॥
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय सियाराम, जय श्रीराम॥
॥ अंतरा 3 ॥
हनुमत ने तुम्हरी महिमा गाई,
भक्ति की अमर ज्योत जलाई।
सुग्रीव को तुमने अपनाया,
मित्र धर्म का मान बढ़ाया॥
भक्तों के तुम भाग्य विधाता,
सबके मन में प्रेम जगाता॥
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय सियाराम, जय श्रीराम॥
॥ अंतरा 4 ॥
रावण का अभिमान मिटाया,
धर्म विजय का दीप जलाया।
माता सीता को घर लाए,
अयोध्या में मंगल छाए॥
अधर्म मिटाकर धर्म बढ़ाओ,
हमको सच्ची राह दिखाओ॥
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय सियाराम, जय श्रीराम॥
॥ अंतरा 5 ॥
रामराज्य की सीख सिखाओ,
सबके मन में दया जगाओ।
क्रोध, कपट और मोह मिटाकर,
सत्य प्रेम का दीप जलाओ॥
सुख-शांति से घर भर देना,
अपनी कृपा सदा कर देना॥
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय सियाराम, जय श्रीराम॥
॥ समापन ॥
दीप जलाकर शीश झुकाएँ,
प्रभु के पावन गुण हम गाएँ।
सीता-राम हृदय में बसें,
भक्ति के फूल चरणों में चढ़ें॥
जय श्रीराम, जय श्रीराम,
जय सियाराम, जय श्रीराम॥
बोलिए श्री सीतारामचंद्र भगवान की जय!
पवनपुत्र हनुमान जी की जय!
॥ जय सियाराम ॥