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Shobha Gurtu | Jitendra Abhisheki | Video| Holi: Kafi, Madhuranjani, Mand, Shahana, Pahadi, Bhairavi

Sundeep Dougal

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Shobha Gurtu | Jitendra Abhisheki | Video| Holi: Kafi, Madhuranjani, Mand, Shahana, Pahadi, Bhairavi

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Sundeep Dougal
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00:00 Shobha Gurtu | Kafi Sindhura | मोसे खेलो ना होरी रे 06:48 Commentary: Ninu Majumdar 08:28 Jitendra Abhisheki | Madhuranjani 09:06 Jitendra Abhisheki | Madhuranjani एरी सखी आज मोहे श्यामसो मिलायके 16:34 Jitendra Abhisheki | Madhuranjani drut रन्ग से रन्ग भिनी चुनरिया मोरी 20:30 Commentary: Ninu Majumdar 22:52 Shobha Gurtu | Mand | अँखियन डारो जी गुलाल नंदलालजी 29:52 Jitendra Abhisheki: Shahana | होरी की धुन मोरे कान परी री 36:44 Commentary: Ninu Majumdar 38:36 Shobha Gurtu | Pahadi | दादरा : रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे 44:00 Commentary: Ninu Majumdar 45:07 Jitendra Abhisheki: Bhairavi | जात कहा हो अकेली गोरी 00:00 Shobha Gurtu | Kafi Sindhura | मोसे खेलो ना होरी रे मोसे खेलो ना होरी रे तुम तो करत बरजोरी श्याम मोसे खेलो ना होरी अबीर गुलाल मोरे मुख पर मार बईयां पकर झकझोरी रे सगरी चुनर मोरी रंग में भिगोई देह ?? गोरी गोरी 09:06 Madhuranjani एरी सखी आज मोहे श्यामसो मिलायके गोपीयन सन्ग रन्ग रासको रचायके । चन्द्रबदन मन्द हसन चमके द्युती सुन्दर अधर धर बन्सी धुन नित नयी सुनयाके ॥ 16:34 Madhuranjani रन्ग से रन्ग भिनी चुनरिया मोरी 'श्यामरन्ग' ब्रिजबन मे मचाये होरी । नयो नयो उमन्ग आज अन्ग अन्ग करत हम सन्ग नयी बरजोरी ॥ – Jitendra Abhisheki 22:52 Shobha Gurtu | Mand | akhiyan Daaro jii gulaal अँखियन डारो जी गुलाल नंदलालजी अँखियां बचाऊं तो बैया (बइयां) गहत हो बैया बचाऊं तो चोलियां तकत हो मैं जान गयी तोरी चाल 29:52 Jitendra Abhisheki: Shahana | होरी की धुन मोरे कान परी री होरी की धुन मोरे कान परी री देखो लला मोरी सास बुरी है अपने ही अपने मंदिरवा से निकसी कोइ सांवली कोई लाल हरी है 38:36 Shobha Gurtu | Pahadi दादरा : रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे, मोहे मारे नजरिया संवरिया रे। जावो जी जावो, करो ना बतिया, ए जी बाली है मोरी उमरिया रे। मोहे मारे नजरिया संवरिया रे.... रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे, मोहे मारे नजरिया संवरिया रे। 45:07 Jitendra Abhisheki जात कहा हो अकेली गोरी जाने ना पर् यो । केसर रंग के माठ भरे हो होरी खेलत कान्हा ॥ Tabla: Ramakant Mhapsekar, Shashikant (Nana) Muley Harmonium: Purshottam Walawalkar Sarangi: Iqbal Hussain Tanpura: [Not clear: Anvaya Shaula?], Jayant Raghunath