Shobha Gurtu | Jitendra Abhisheki | Video| Holi: Kafi, Madhuranjani, Mand, Shahana, Pahadi, Bhairavi
Sundeep Dougal
0:00 / 0:00
Shobha Gurtu | Jitendra Abhisheki | Video| Holi: Kafi, Madhuranjani, Mand, Shahana, Pahadi, Bhairavi
587 просмотров · 2 года назад
Sundeep Dougal
12,4 тыс. подписчиков
587 просмотров · 2 года назад
00:00 Shobha Gurtu | Kafi Sindhura | मोसे खेलो ना होरी रे
06:48 Commentary: Ninu Majumdar
08:28 Jitendra Abhisheki | Madhuranjani
09:06 Jitendra Abhisheki | Madhuranjani एरी सखी आज मोहे श्यामसो मिलायके
16:34 Jitendra Abhisheki | Madhuranjani drut रन्ग से रन्ग भिनी चुनरिया मोरी
20:30 Commentary: Ninu Majumdar
22:52 Shobha Gurtu | Mand | अँखियन डारो जी गुलाल नंदलालजी
29:52 Jitendra Abhisheki: Shahana | होरी की धुन मोरे कान परी री
36:44 Commentary: Ninu Majumdar
38:36 Shobha Gurtu | Pahadi | दादरा : रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे
44:00 Commentary: Ninu Majumdar
45:07 Jitendra Abhisheki: Bhairavi | जात कहा हो अकेली गोरी
00:00 Shobha Gurtu | Kafi Sindhura | मोसे खेलो ना होरी रे
मोसे खेलो ना होरी रे
तुम तो करत बरजोरी
श्याम मोसे खेलो ना होरी
अबीर गुलाल मोरे मुख पर मार
बईयां पकर झकझोरी रे
सगरी चुनर मोरी रंग में भिगोई
देह ?? गोरी गोरी
09:06 Madhuranjani
एरी सखी आज मोहे श्यामसो मिलायके
गोपीयन सन्ग रन्ग रासको रचायके ।
चन्द्रबदन मन्द हसन
चमके द्युती सुन्दर
अधर धर बन्सी धुन
नित नयी सुनयाके ॥
16:34 Madhuranjani
रन्ग से रन्ग भिनी चुनरिया मोरी
'श्यामरन्ग' ब्रिजबन मे मचाये होरी ।
नयो नयो उमन्ग आज अन्ग अन्ग
करत हम सन्ग नयी बरजोरी ॥
– Jitendra Abhisheki
22:52 Shobha Gurtu | Mand | akhiyan Daaro jii gulaal
अँखियन डारो जी गुलाल नंदलालजी
अँखियां बचाऊं तो बैया (बइयां) गहत हो
बैया बचाऊं तो चोलियां तकत हो
मैं जान गयी तोरी चाल
29:52 Jitendra Abhisheki: Shahana | होरी की धुन मोरे कान परी री
होरी की धुन मोरे कान परी री
देखो लला मोरी सास बुरी है
अपने ही अपने मंदिरवा से निकसी
कोइ सांवली कोई लाल हरी है
38:36 Shobha Gurtu | Pahadi
दादरा : रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे
रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे,
मोहे मारे नजरिया संवरिया रे।
जावो जी जावो, करो ना बतिया,
ए जी बाली है मोरी उमरिया रे।
मोहे मारे नजरिया संवरिया रे....
रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे,
मोहे मारे नजरिया संवरिया रे।
45:07 Jitendra Abhisheki
जात कहा हो अकेली गोरी
जाने ना पर् यो ।
केसर रंग के माठ भरे हो
होरी खेलत कान्हा ॥
Tabla: Ramakant Mhapsekar, Shashikant (Nana) Muley
Harmonium: Purshottam Walawalkar
Sarangi: Iqbal Hussain
Tanpura: [Not clear: Anvaya Shaula?], Jayant Raghunath