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Manva dheere chal hindi audio mp3!#viral #viralvideo

subal sidar

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Manva dheere chal hindi audio mp3!#viral #viralvideo

360 просмотров · 13 дней назад
subal sidar
78 подписчиков
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[Verse 1] तेरी चिट्ठी खुली तो पुराना मौसम लौट आया किताबों में दबा गुलमोहर हाथों में बिखर आया मैंने सोचा था कि अब तेरी राह तकूँगा नहीं पर खिड़की पर हर शाम वही साया ठहर आया [Chorus] ओ मनवा, किसको पुकारे, किससे कहे ये बात सूनी मेज़ पे रखी है अब भी तेरी सौगात तू गया तो घर के कोने कुछ ज़्यादा बोलते हैं रात ढले तो बीते लम्हे दरवाज़ा खोलते हैं [Verse 2] चाय की प्याली में ठंडी हुई आधी-सी मिठास तेरे हँसने की लकीरें अब भी कमरे के पास मैंने तेरी दी हुई किताब फिर से पढ़ी कल हर पन्ने पर जुदाई ने लिखा अपना इतिहास [Chorus] ओ मनवा, किसको पुकारे, किससे कहे ये बात सूनी मेज़ पे रखी है अब भी तेरी सौगात तू गया तो घर के कोने कुछ ज़्यादा बोलते हैं रात ढले तो बीते लम्हे दरवाज़ा खोलते हैं [Verse 3] बस-स्टॉप की उस बेंच पर अब धूप अकेली सोती तेरे लौटने की उम्मीद भी धीरे-धीरे खोती फिर भी तेरे नाम का एक दीप बचा है भीतर हवा बहुत समझाती है, याद मगर कब होती [Bridge] कितना आसान था कहना, सब ठीक हो जाएगा किसे पता था चुप रहना इतना भारी पड़ जाएगा तेरी राह अलग सही, मेरी राह भी चलती है दिल की टूटी चीज़ों से नई सुबह निकलती है [Final Chorus] ओ मनवा, अब ना पुकारे, अब खुद से करे बात खाली मेज़ से समेटे तेरी छोड़ी सौगात तू गया तो घर के कोने फिर भी कम बोलेंगे सुबह हुई तो बीते लम्हे धीरे से डोलेंगे [Outro] किताब बंद हुई, गुलमोहर की पंखुड़ी रह गई तेरी याद एक मौसम थी, आई और बह गई #emotionalsong #hearttouchingsong