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“क्या तुम्हें कभी ऐसा लगा है… कि काश तुम कुछ दिनों के लिए दुनिया से गायब हो जाओ?”**

Horror short stories by me

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“क्या तुम्हें कभी ऐसा लगा है… कि काश तुम कुछ दिनों के लिए दुनिया से गायब हो जाओ?”**

13 просмотров · 2 нед. назад
Horror short stories by me
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*“क्या तुम्हें कभी ऐसा लगा है… कि काश तुम कुछ दिनों के लिए दुनिया से गायब हो जाओ?”* न मरना… न किसी से बात करना… बस… सब कुछ बंद। लेकिन सवाल है—**ऐसा महसूस क्यों होता है?** Psychology में कई बार ऐसा एहसास तब आता है जब दिमाग लगातार तनाव, अकेलेपन, guilt या emotional pain से थक जाता है। दिमाग कहता है— *“समस्या खत्म नहीं हो रही… तो शायद मुझे ही सब से दूर हो जाना चाहिए।”* और सबसे डरावनी बात? कई लोग अपने दर्द को किसी से बताते ही नहीं। बाहर से हँसते हैं… काम करते हैं… normal दिखते हैं। लेकिन अंदर से उनका दिमाग सिर्फ एक चीज चाहता है— *“बस थोड़ी देर शांति चाहिए।”* इसलिए अगर कभी तुम्हें या तुम्हारे किसी दोस्त को ऐसा महसूस हो कि *“मैं गायब हो जाऊँ तो बेहतर होगा…”* तो इसे मज़ाक मत समझना। कभी-कभी इंसान को जिंदगी खत्म नहीं करनी होती… उसे सिर्फ *अपना दर्द खत्म करना होता है।* और शायद फर्क यहीं से शुरू होता है— *किसी को खत्म होने से पहले… सुन लिया जाए।* अगर ये feeling तुम्हारे अंदर बार-बार आती है, तो किसी भरोसेमंद इंसान से आज ही बात करो। *चुप रहना मजबूती नहीं है।*