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Raigad Fort complete history and travel information | रायगड किल्ला (धरतीवरचा स्वर्ग) #raigadfort

DeepBreath by Amar

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Raigad Fort complete history and travel information | रायगड किल्ला (धरतीवरचा स्वर्ग) #raigadfort

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Raigad Fort महाराष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक किलों में से एक है। यह केवल एक किला नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य की राजधानी और मराठा साम्राज्य की राजनीतिक शक्ति का प्रमुख केंद्र था। महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अनुसार, 1674 में शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के बाद रायगढ़ उनकी राजधानी बना। 📜 1. रायगढ़ का पुराना नाम क्या था? रायगढ़ का प्राचीन नाम रायरी (Rairi/Rairy) था। शिवाजी महाराज ने इसे 1656 में जावली के चंद्रराव मोरे से अपने नियंत्रण में लिया और बाद में इसका विकास एक मजबूत राजधानी के रूप में कराया। किले का स्थान अत्यंत रणनीतिक था—सह्याद्री पर्वतों में ऊंचाई पर होने के कारण यहां से आसपास के क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती थी और दुश्मन के लिए सीधे किले तक पहुंचना कठिन था। ⚔️ 2. शिवाजी महाराज और रायगढ़ 1656 में रायरी किले पर अधिकार करने के बाद शिवाजी महाराज ने इसे केवल सैन्य किला न रखकर स्वराज्य की राजधानी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। किले के विकास और निर्माण कार्य में हिरोजी इंदुलकर की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। किले में राजमहल, बाजार, दरबार, जलस्रोत, मंदिर और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था विकसित की गई। 1674 में रायगढ़ को राजधानी बनाया गया। यह स्वराज्य के प्रशासन, सेना और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया। 👑 3. शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक रायगढ़ के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना है— 6 जून 1674 — छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक रायगढ़ पर शिवाजी महाराज का भव्य राज्याभिषेक हुआ और उन्होंने 'छत्रपति' की उपाधि धारण की। इस घटना ने स्वराज्य को एक औपचारिक राजसत्ता का स्वरूप दिया। रायगढ़ उस समय मराठा राज्य की राजधानी और सत्ता का केंद्र बन गया। राज्याभिषेक के बाद रायगढ़ की राजनीतिक और प्रशासनिक महत्ता बहुत बढ़ गई। 🏯 4. रायगढ़ की प्रमुख ऐतिहासिक जगहें 7 🚪 महा दरवाजा किले का प्रमुख प्रवेशद्वार महा दरवाजा कहलाता है। इसकी संरचना ऐसी थी कि प्रवेश करने वाले शत्रु पर ऊपर से और आसपास की सुरक्षा चौकियों से हमला किया जा सके। आज भी यह किले की सबसे प्रसिद्ध संरचनाओं में से एक है। 👑 राजसभा यह वह स्थान था जहां राजा का दरबार लगता था। यहां शिवाजी महाराज के सिंहासन की प्रतिकृति भी देखने को मिलती है। राजसभा और नागारखाना दरवाजा की रचना ध्वनि के दृष्टिकोण से भी विशेष थी—दरवाजे के पास कही गई बात सिंहासन क्षेत्र तक सुनाई देने की व्यवस्था की गई थी। 🛍️ बाजारपेठ किले पर एक व्यवस्थित बाजार क्षेत्र था। इससे पता चलता है कि रायगढ़ केवल सैनिक किला नहीं बल्कि एक जीवंत राजधानी और प्रशासनिक शहर भी था। 💧 गंगासागर तालाब किले पर स्थित गंगासागर झील/तालाब महत्वपूर्ण जलस्रोत था। किले के ऊंचे स्थान पर लंबे समय तक रहने के लिए जल व्यवस्था अत्यंत आवश्यक थी। 🛕 जगदीश्वर मंदिर रायगढ़ पर स्थित जगदीश्वर मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके आसपास शिवाजी महाराज की समाधि स्थित है। ⚔️ हिरकणी बुर्ज हिरकणी बुर्ज किले की खड़ी चट्टान के किनारे बना प्रसिद्ध बुर्ज है। इसके साथ हिरकणी नाम की महिला की प्रसिद्ध लोककथा जुड़ी हुई है। जिला प्रशासन भी इसे रायगढ़ की प्रमुख ऐतिहासिक जगहों में गिनता है। 🪨 तखमक टोक तखमक टोक किले का एक ऊंचा और बेहद खड़ा किनारा है, जहां से आसपास के सह्याद्री और घाटियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। यह स्थान किले की प्राकृतिक सुरक्षा और ऊंचाई का शानदार उदाहरण है। ⚔️ 5. रायगढ़ का सामरिक महत्व रायगढ़ को राजधानी बनाने का एक बड़ा कारण इसकी भौगोलिक स्थिति थी। किला सह्याद्री की ऊंचाई पर स्थित था और इसके आसपास खड़ी चट्टानें थीं। इसलिए बड़ी सेना के लिए किले पर सीधे हमला करना बेहद कठिन था। किले की सुरक्षा में शामिल थे: मजबूत पत्थर की दीवारें बुर्ज नियंत्रित प्रवेशद्वार ऊंची प्राकृतिक चट्टानें जलस्रोत आंतरिक प्रशासनिक क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान इसी कारण रायगढ़ को दक्कन के मजबूत पहाड़ी किलों में गिना जाता है। 👑 6. शिवाजी महाराज के अंतिम दिन रायगढ़ शिवाजी महाराज के जीवन के अंतिम महत्वपूर्ण अध्याय का भी साक्षी रहा। 1680 में रायगढ़ पर ही छत्रपति शिवाजी महाराज का निधन हुआ। उनकी स्मृति में किले पर समाधि स्थित है। इस कारण रायगढ़ मराठा इतिहास में भावनात्मक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ⚔️ 7. शिवाजी महाराज के बाद रायगढ़ शिवाजी महाराज के निधन के बाद उनके पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज ने सत्ता संभाली। आगे चलकर मुगल-मराठा संघर्ष में रायगढ़ पर भी संकट आया। 1689 में रायगढ़ मुगलों के नियंत्रण में चला गया। महाराष्ट्र सरकार के एक ऐतिहासिक प्रकाशन में इसके पतन और बाद में मराठों द्वारा पुनः प्राप्त किए जाने का उल्लेख है। बाद के वर्षों में मराठों ने किले पर फिर नियंत्रण स्थापित किया। 18वीं शताब्दी के अंत और 19वीं शताब्दी की शुरुआत में मराठा शक्ति कमजोर होने लगी। 🇬🇧 8. अंग्रेजों के नियंत्रण में रायगढ़ 1818 के Anglo-Maratha संघर्षों के बाद रायगढ़ ब्रिटिश नियंत्रण में चला गया। इसके बाद किले का राजनीतिक महत्व समाप्त हो गया और धीरे-धीरे यह खंडहरों में बदलता गया। आज किले के अवशेष हमें उस समय की राजधानी की भव्यता और स्थापत्य की झलक देते हैं। 📅 9. रायगढ़ का इतिहास — महत्वपूर्ण तारीखें वर्ष घटना 1656 शिवाजी महाराज ने रायरी किले पर अधिकार किया 1656–1674 किले का बड़े पैमाने पर विकास और राजधानी के रूप में निर्माण 6 जून 1674 शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक 1674 रायगढ़ स्वराज्य/मराठा राज्य की राजधानी बना 1680 शिवाजी महाराज का रायगढ़ पर निधन 1689 रायगढ़ मुगलों के नियंत्रण में गया 18वीं शताब्दी मराठों ने फिर से किले पर नियंत्रण स्थापित किया 1818 ब्रिटिश नियंत्रण में आया Music by Bensound.com License code: JKYM9IXP2YRTSLN7 Artist: : Lunar Years