गया जी में पिंडदान क्यों किया जाता है? | गयासुर और विष्णुपद की सम्पूर्ण पौराणिक कथा
दिव्य कथा तरंग
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गया जी में पिंडदान क्यों किया जाता है? | गयासुर और विष्णुपद की सम्पूर्ण पौराणिक कथा
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दिव्य कथा तरंग
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॥ श्री गणेशाय नमः ॥
॥ ॐ पितृभ्यो नमः ॥
क्या आपने कभी सोचा है कि पितरों के लिए पिंडदान करने हेतु गया जी को सबसे पवित्र स्थानों में क्यों माना जाता है?
इस वीडियो में जानिए गयासुर की अद्भुत पौराणिक कथा, भगवान विष्णु का दिव्य वरदान, विष्णुपद मंदिर की महिमा और गया जी में पिंडदान की परंपरा का रहस्य।
कथा के अनुसार गयासुर नामक एक महान भक्त असुर ने भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की। उसके त्याग, भक्ति और भगवान विष्णु के दिव्य चरणों से गया क्षेत्र पितृ मोक्ष की भूमि के रूप में प्रसिद्ध हुआ। यही कारण है कि आज भी लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए गया जी जाते हैं।
इस वीडियो में:
• गयासुर की सम्पूर्ण कथा
• भगवान विष्णु और विष्णुपद की महिमा
• गया जी का धार्मिक महत्व
• पिंडदान और श्राद्ध का महत्व
• पितृ पक्ष की विशेषता
• फल्गु नदी और अक्षय वट का महत्व
• कथा से मिलने वाली सीख
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ॐ पितृभ्यो नमः।
जय श्री कृष्ण।
राधे राधे। 🙏
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