साक्षी भाव को इस तरह कभी नहीं जाना होगा | मन से मुक्त होने का परम सूत्र | Darshan Ji
Darshan Ji Hindi
0:00 / 0:00
साक्षी भाव को इस तरह कभी नहीं जाना होगा | मन से मुक्त होने का परम सूत्र | Darshan Ji
3 316 просмотров · 2 месяца назад
Darshan Ji Hindi
12,9 тыс. подписчиков
3 316 просмотров · 2 месяца назад
संसार में हमारी सबसे बड़ी tragedy यह नहीं है कि हमारे भीतर अनचाहे विचार उठते हैं। हमारी असली समस्या यह है कि हम उन विचारों के इतने करीब चले जाते हैं कि खुद को वही मान बैठते हैं। हम 'दृश्य' यानी दिखाई पड़ने वाले विचार से इस कदर जुड़ जाते हैं कि 'द्रष्टा' यानी देखने वाले साक्षी को भूल जाते हैं।
इस प्रवचन में, हम साक्षी भाव (Witnessing Consciousness) के उस परम सत्य में उतरेंगे, जहाँ 'देखने वाले' (The Seer) और 'दिखाई पड़ने वाले' (The Seen) का भेद पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है। जब आप रास्ते में किसी अजनबी से मिलते हैं, तो आप उससे अलग होकर अपने मार्ग पर बढ़ जाते हैं; उसकी अच्छाई या बुराई आपकी समस्या नहीं बनती। लेकिन जब वही विचार मन की स्क्रीन पर आते हैं, तो आप उनसे संबंधित क्यों हो जाते हैं?
यदि आप विचारों के इस चक्रव्यूह को तोड़कर अपने शुद्ध, शांत और अचल स्वरूप में टिकना चाहते हैं, तो यह आत्म-पूछताछ (Self-Inquiry) आपके अंतस के कपाट खोल देगी। विचारों का साक्षी बनो और मन के खेल से पीछे हटकर उस चेतना में विश्राम करो जो सिर्फ देख रही है।
#SakshiBhaav #साक्षीभाव #DarshanJi #DarshanJiHindi #WitnessingConsciousness #MeditationHindi #द्रष्टाऔरदृश्य #SpiritualAwakening #ThoughtsControl