रात की चादर पे तेरा अक्स सजा है,
AI Melody World
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रात की चादर पे तेरा अक्स सजा है,
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(मुखड़ा)
रात की चादर पे तेरा अक्स सजा है,
बिन तेरे दिल का हर एक लम्हा सज़ा है।
तेरी यादों की हवा दिल को छू के जो निकली,
देख आज फिर मेरे शहर में चाँद की कली खिली!
देख आज फिर मेरे शहर में चाँद की कली खिली...
(अंतरा 1)
खिड़की पे रख के निगाहें हम रातें बिताते हैं,
तेरी पायल की छनक से अरमान जगाते हैं।
दूर सही तू आज मगर दिल के पास है,
सांसों में बसी तेरी खुशबू का अहसास है।
(अंतरा 2)
आँखों में काजल सा उतरा है तेरा ये प्यार,
तू ही तो है मेरी जिंदगी का इकलौता सिंगार।
ये रातें, ये मौसम, और ये तनहाइयों का साया,
खुशनसीब हैं हम जो तूने हमको है अपनाया।