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Shrimad Bhagawad Gita 1.1| Ep 5| HG Aparimay Shyam Das| ISKCON Lucknow

Aparimay Shyam Das | ISKCON Lucknow

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Shrimad Bhagawad Gita 1.1| Ep 5| HG Aparimay Shyam Das| ISKCON Lucknow

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#aparimayshyamdas #iskconlucknow #bhagwadgita श्लोक १.१ धृतराष्ट्र उवाच: धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सव: । मामका: पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ॥ १ ॥ शब्दार्थ: धृतराष्ट्र: उवाच—राजा धृतराष्ट्र ने कहा; धर्म-क्षेत्रे—धर्मभूमि (तीर्थस्थल) में; कुरु- क्षेत्रे—कुरुक्षेत्र नामक स्थान में; समवेता:—एकत्र; युयुत्सव:—युद्ध करने की इच्छा से; मामका:—मेरे पक्ष (पुत्रों) ; पाण्डवा:—पाण्डु के पुत्रों ने; च—तथा; एव— निश्चय ही; किम्—क्या; अकुर्वत—किया; सञ्जय—हे संजय । भावार्थ: धृतराष्ट्र ने कहा—हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से एकत्र हुए मेरे तथा पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया? FOR LATEST UPDATES : ||अपरिमेय श्याम दास|| अध्यक्ष श्री श्री राधारमण बिहारी जी मंदिर (इस्कॉन) लखनऊ #GitaRasamritam,#गीता_रसमृतम्,#GitaRasamratam,#BhagavadGita,#GitaGyan,#Krishna,#HareKrishna,#ISKCON,#SpiritualWisdom,#GitaInHindi,#GitaInEnglish