श्रीमद्भगवद्गीता का 13वां अध्याय 'क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग'
Mystic Holistic Wellness
0:00 / 0:00
श्रीमद्भगवद्गीता का 13वां अध्याय 'क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग'
12 просмотров · 6 месяцев назад
Mystic Holistic Wellness
1,05 тыс. подписчиков
12 просмотров · 6 месяцев назад
श्रीमद्भगवद्गीता का 13वां अध्याय 'क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग' के नाम से जाना जाता है। इस अध्याय में भगवान कृष्ण अर्जुन को शरीर (क्षेत्र) और आत्मा/परमात्मा (क्षेत्रज्ञ) के बीच का अंतर समझाते हैं, जो ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अध्याय ज्ञान के ३४ श्लोकों के माध्यम से जीवन की नश्वरता और आत्मा की अमरता बताता है।