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छत्तीसगढ़ के केंद्र संरक्षित स्मारक । Centrally Protected Monuments of CG । By Umang Tutorials

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छत्तीसगढ़ के केंद्र संरक्षित स्मारक । Centrally Protected Monuments of CG । By Umang Tutorials

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छत्तीसगढ़, जिसे प्राचीन इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संगम कहा जाता है, भारत का एक ऐसा राज्य है जो केंद्र संरक्षित स्मारकों के माध्यम से अपनी प्राचीनता और गौरवशाली अतीत को दर्शाता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में राज्य में 46 केंद्र संरक्षित स्मारक हैं। ये स्मारक छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, स्थापत्य कला और धार्मिक परंपराओं को जीवंत रूप से प्रदर्शित करते हैं। छत्तीसगढ़ में कई अद्वितीय स्मारक मौजूद हैं, जिनमें सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर और वहां स्थित बौद्ध विहार प्रमुख हैं। लक्ष्मण मंदिर, जो गुप्तकालीन स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है, विष्णु भगवान को समर्पित है और अपनी ईंटों से बनी नक्काशी और उत्कृष्ट शिल्पकला के लिए विख्यात है। सिरपुर का बौद्ध विहार, जिसे चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी उल्लेखित किया है, बौद्ध धर्म के अध्ययन और साधना के एक प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता था। बारसूर में स्थित गणेश मंदिर, प्राचीन मूर्तिकला और वास्तुशिल्प के अद्भुत नमूने के रूप में प्रसिद्ध है। यहां की विशाल गणेश प्रतिमा, जिसे 'डंडी गणेश' कहा जाता है, विशेष रूप से आकर्षक है। इसी प्रकार, बस्तर के काकतीय किले और दंतेवाड़ा के चेतावनी स्तंभ भी ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। इनके अलावा, कांगेर घाटी के आसपास की गुफाएं, जैसे कोटमसर गुफा, पुरातात्विक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। रायपुर में स्थित महंत घासीदास संग्रहालय, राज्य की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को संरक्षित करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के प्राचीन स्मारकों, शिलालेखों और पुरावशेषों को प्रदर्शित करता है। इसी प्रकार, मल्हार, जो छत्तीसगढ़ के प्राचीन नगरों में से एक है, अपनी प्राचीन मूर्तियों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ के इन केंद्र संरक्षित स्मारकों की विशेषता उनकी विविधता और ऐतिहासिक गहराई में निहित है। यहां हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म से संबंधित स्मारक मिलते हैं, जो प्राचीन भारत की बहुधार्मिक और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाते हैं। ये स्मारक न केवल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इन स्मारकों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है। पुरातात्विक खुदाई, संरचनात्मक मरम्मत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इन धरोहरों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के ये स्मारक न केवल राज्य की पहचान हैं, बल्कि भारत की समृद्ध धरोहर का अभिन्न हिस्सा भी हैं। Hidden Gems of Chhattisgarh: Uncovering the Untrodden Paths इन स्मारकों का महत्व केवल उनके स्थापत्य या धार्मिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि ये हमें प्राचीन समाज, उनके जीवन, आस्थाओं और कला के विकास के बारे में भी जानकारी देते हैं। छत्तीसगढ़ के ये केंद्र संरक्षित स्मारक न केवल अतीत की झलक प्रदान करते हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। इस वेबसाइट के माध्यम से आपको वर्तमान केंद्र संरक्षित स्मारको के बारे में जानने को मिलेगा https://bhuvan-app1.nrsc.gov.in/cultu... यहां से आप PDF download kar sakte hain http://www.asiraipurcircle.in/Central... 👉 Like, Share, Subscribe, and Join the Adventure! 🌐🔍✨📌 Stay connected with us:- Telegram: https://t.me/umangtutorials Instagram:   / tutorialsumang   Twitter: https://www.twitter.co/@Umangtutorials #cgpsc #umang_tutorials छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारक, cg me kendra sanrakshit smarak, cg center protected monuments, cg state protected monuments, cg me paryatan sthal, cg ke puratatvik sthal, छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्यटन स्थल, cg me prachin smarak, monuments of chhattisgarh, cg state protect monuments, छत्तीसगढ़ राज्य संरक्षित स्मारक, chhattisgarh kendra sanrakshit smarak, ancient temple chhattisgarh, छत्तीसगढ़ में स्थित केंद्र संरक्षित स्मारक, chhattisgarh rajya sanrakshit smarak, cg rajya sanrakshit smarak, छत्तीसगढ़ में संरक्षित स्मारक, cg me sanraskhit smarak, chhattisgarh ke smarak, छत्तीसगढ़ धरोहर, cg smarak, temples in chhattisgarh, sanskritik chhattisgarh, CGPSC, CGVYAPAM, छत्तीसगढ़ के राज्य संरक्षित स्मारक