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“पापा डिनर टेबल पर चिकन खाते हैं” - फिर भी तुम पापा की परी हो? || आचार्य प्रशांत (2026)

प्रकृति

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“पापा डिनर टेबल पर चिकन खाते हैं” - फिर भी तुम पापा की परी हो? || आचार्य प्रशांत (2026)

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🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #climatechange #globalwarming वीडियो जानकारी: 20.06.2026, GBU, ग्रेटर नोएडा विवरण:- जब परिवार, दोस्त या ऑफिस में कोई गलत काम कर रहा हो और आपकी बात सुनकर भी न बदले, तो क्या उसे बार-बार समझाते रहना चाहिए? आचार्य जी बताते हैं कि कई बार समस्या समझ की नहीं, नीयत की होती है। सामने वाला जानता है कि वह गलत कर रहा है, लेकिन जब उसके व्यवहार की कोई कीमत नहीं चुकानी पड़ती, तो वह बदलने की ज़रूरत क्यों महसूस करेगा? इस बातचीत में आचार्य जी बताते हैं कि बेईमानी, पशु क्रूरता और पर्यावरण के विनाश का विरोध केवल तर्कों से नहीं होता। जहाँ समझाने की सीमा समाप्त हो जाए, वहाँ गलत काम में अपनी भागीदारी समाप्त करना भी आवश्यक है। वास्तविक बदलाव के लिए सिर्फ़ सही बात जानना नहीं, उसके पक्ष में खड़ा होना पड़ता है। मुख्य विषय: परिवार और रिश्तों में गलत बात का विरोध बॉस और कार्यस्थल की बेईमानी पशु क्रूरता और दूध-मांस का सेवन समझ की कमी या नीयत की कमी? गलत काम में भागीदारी कब छोड़ें? जलवायु संकट और उपभोग की आदतें ~~~~~~~~~~ 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFwe... संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~