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इंदिरा एकादशी 2026 कथा| राजा इंद्रसेन और उनके पिता को मोक्ष कैसे मिला| Indira Ekadashi pooja vidhi

Nirmal ki Duniya

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इंदिरा एकादशी 2026 कथा| राजा इंद्रसेन और उनके पिता को मोक्ष कैसे मिला| Indira Ekadashi pooja vidhi

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इंदिरा एकादशी 2026 कथा| राजा इंद्रसेन और उनके पिता को मोक्ष कैसे मिला| Indira Ekadashi pooja vidhi ‪@NirmalkiDuniya1128‬ राधे-राधे और जय श्री हरि 🙏 इंदिरा एकादशी 2026 के पावन अवसर पर सुनिए राजा इंद्रसेन और उनके पिता की मोक्ष प्राप्ति की अद्भुत पौराणिक कथा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इंदिरा एकादशी का व्रत करने और भगवान श्रीहरि विष्णु की भक्ति करने से पितरों को शांति और सद्गति प्राप्त होती है। इस कथा में जानिए कैसे देवर्षि नारद जी ने राजा इंद्रसेन को इंदिरा एकादशी व्रत का महत्व बताया और किस प्रकार राजा ने व्रत का पुण्य अपने पिता को समर्पित किया। इस वीडियो में आपको सुनने को मिलेगी: 🙏 इंदिरा एकादशी व्रत कथा। 🙏 राजा इंद्रसेन की पौराणिक कथा। 🙏 इंदिरा एकादशी का धार्मिक महत्व। 🙏 भगवान विष्णु की पूजा और भक्ति का महत्व। 🙏 पितरों की शांति के लिए एकादशी का महत्व। यदि आपको यह कथा अच्छी लगे तो वीडियो को लाइक करें, अपने परिवार और मित्रों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें। कमेंट में प्रेम से लिखें — जय श्री हरि विष्णु 🙏 भगवान श्रीहरि विष्णु आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। 🙏 इंदिरा एकादशी 2026 इंदिरा एकादशी व्रत कथा इंदिरा एकादशी की कहानी इंदिरा एकादशी का महत्व Indira Ekadashi 2026 Indira Ekadashi Vrat Katha Indira Ekadashi Katha in Hindi राजा इंद्रसेन की कथा राजा इंद्रसेन और उनके पिता की कहानी पितरों की मुक्ति की कथा पितरों की शांति के उपाय पितृपक्ष एकादशी कथा भगवान विष्णु की पौराणिक कथा एकादशी व्रत की कथा विष्णु भगवान की भक्ति सनातन धर्म की पौराणिक कथाएं इंदिरा एकादशी पूजा विधि #इंदिराएकादशी #IndiraEkadashi2026 #इंदिराएकादशीव्रतकथा #EkadashiVratKatha #एकादशीकथा #पितृपक्ष #पौराणिककथा यह वीडियो धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक कथाओं और पारंपरिक व्रत-कथा पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि सनातन धर्म की कथाओं और धार्मिक परंपराओं को भक्तों तक पहुँचाना है। अलग-अलग ग्रंथों और क्षेत्रीय परंपराओं में कथा के वर्णन में अंतर हो सकता है। कृपया इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से सुनें।