Перейти к содержимому

जन्म कुंडली में दांपत्य भाव के स्वामी का बारहों भाव में फल BY NARMDESHWAR SHASTRI [290]

PT. NARMDESHWAR SHASTRI

0:00 / 0:00

जन्म कुंडली में दांपत्य भाव के स्वामी का बारहों भाव में फल BY NARMDESHWAR SHASTRI [290]

552 826 просмотров · 8 лет назад
PT. NARMDESHWAR SHASTRI
1,05 млн подписчиков
552 826 просмотров · 8 лет назад
प्रिय दर्शकों विवाह के बाद एक नया जीवन शुरू होता और जन्मकुंडली के सप्तम भाव को दाम्पत्य सुख का भाव कहा गया है | इस भाव के कारक शुक्र है, यदि कुंडली में सप्तम भाव पीड़ित हो सप्तमेश पाप ग्रह से दृष्ट हो तो वैवाहिक जीवन सुखद नहीं हो पता | वही सप्तम भाव में शुभ ग्रह हो तो दाम्पत्य जीवन सुखद होता है | और देखा जाये तो जिसका वैवाहिक जीवन सुखद है उसके लिए सबकुछ अच्छा है | PT.NARMDESHWAR SHASTRI email-narmdeshwarshastri@gmail.com whatsaap no.-09472889427 FOR INQUIRY -09931901712 MUSIC: CREATIVEATTRIBUTION COMMONS ~-~~-~~~-~~-~ Please watch: "चन्द्र-शनि युति विष योग या सन्यास योग ?(सवाल आपके जवाब हमारे) BY NARMDESHWAR SHASTRI [398]"    • चन्द्र-शनि युति विष योग या सन्यास योग ?(सव...   ~-~~-~~~-~~-~