गुरु वाक्यम् एपिसोड 1102 : शरीर के अनुभवों से निकलना होगा।
Shiv Yog
0:00 / 0:00
गुरु वाक्यम् एपिसोड 1102 : शरीर के अनुभवों से निकलना होगा।
6 497 просмотров · 2 года назад
Shiv Yog
404 тыс. подписчиков
6 497 просмотров · 2 года назад
परात्पर शिव ईश्वर का निराकार, निर्गुण स्वरुप है, उन्होंने साकार रूप धारण किया परात्पर शिव- परमेश्वरि के रूप में। उन्ही से उत्पत्ति हुई भगवIन ब्रह्मा, रूद्र और विष्णु की, तथा तीनो देवियों लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती जी की उत्पत्ति परमेश्वरि से हुई। निराकार से आकार धारण करने पर तीन गुण उत्पन्न हो जाते हैं। शरीर की प्राप्ति नौ रसों का अनुभव करने के लिए हुई है। अनुभव करना लेकिन उसमे लिप्त नहीं होना, वापस अपने निराकार रूप को प्राप्त करने के लिए प्रयत्न करते रहना।
जीवन परिवर्तन करने वाली ध्यान साधनाओं को सीखने के लिए हमारे साप्ताहिक शिवयोग फोरम के कार्यक्रमों से जुड़ें।
Connect with Us on www.shivyog.com
#ShivYog Forum - www.shivyogforum.com
#ShivYog Portal - www.shivyogportal.com
#ShivYog Videos - www.shivyogtv.com
#ShivYog Krishi - www.shivyogkrishi.com
#ShivYog Cure Is Possible - www.cureispossible.org