ले चलना हमको सतगुरु | Le Chalna Humko Satguru | दुखड़े हारों गोसाई | Hare Madhav Bhajan
Hare Madhav Official
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ले चलना हमको सतगुरु | Le Chalna Humko Satguru | दुखड़े हारों गोसाई | Hare Madhav Bhajan
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HARE MADHAV PARMARTH SATSANG SAMITI, MADHAV NAGAR, KATNI (M.P.) INDIA
"ले चलना हमको सतगुरु, माधव लोक में"
"चरणों की छांव में, बिठाए रखना,
भक्ति के रंग में, रंगाए रखना'
"सतगुरुSS ईश्वरशाह",
1. "इस माया लोक में दुख ही मिला है,
साँचा सुख हमको कहीं ना मिला है"
"किरपा करो, लेके चलो, हरे माधव लोक में"
"स्वर्ग न चाहूँ नाहीं, मुक्ति की चाह है
तेरे चरणों में ही बस, आनंद अथाह है"
माया भटकन से बचाए रखना,
लोक अगम में बिठाए रखना
"सतगुरु SS ईश्वरशाह",
2. "दुखभंजन सतगुरु की छांव जहाँ है,
नाहीं चौरासी का फंद वहाँ है"
"पातें रहें, पातें रहें आलौकिक दरस"
"प्रेम से श्री चरणों को हर पल पखारें,
तेरे श्री आसन पर हम चंवर ढुलाएं"
प्रीत के दीप जलाए रखना,
चरणों की छांव में बिठाए रखना
"सतगुरु SS ईश्वरशाह",
3. "ज्ञानिन में ज्ञानी और दानिन में दानी,
पूरण योगी सतगुरु रहबर लासानी"
"सर्वकला, परमत्वमय साईं ईश्वर"
"प्रेम वत्सल पे तेरे, हम सब बलिहार हैं
सारी संगत पर बाबा तेरा उपकार है"
करुणा की दृष्टि बनाए रखना,
प्रेम भगतों पे बनाए रखना
"सतगुरु SS ईश्वरशाह",
4. "प्रेमा भक्ति की अमृत धारा बहाई,
हरे माधव संतमत की नाव चलाई"
"वाह सतगुरु, तारनहार तेरी लीला है"
"घट घट में बसने वाला, तू न्यारा राम है,
सारे जगत का तुमने, कीन्हा कल्याण है"
भक्ति का अमृत बहाए रखना,
चरणों की छांव में बिठाए रखना
"सतगुरु SS ईश्वरशाह",
5. "तेरी मूरत को हम जब-जब निहारें,
बहते हैं प्रेम में आँसू हमारे"
"तुमसा नहीं तीनो लोकों में सतगुरु जी"
"हर ज़र्रा करता तेरा वंदन अभिनंदन,
तेरी चरण रज मेरे माथे का चंदन"
अपना सदा ही बनाए रखना,
चरणों में अपने बिठाए रखना
"सतगुरु SS ईश्वरशाह",
6. "रहमत हुई है सतगुरु जब से तुम्हारी,
मंगल खुशियाँ हैं जिंदड़ी में हमारी"
"अनहद की, नाद में आतम झूम रही"
"अमृत की, बरखा नित-नित बरस रही है
हरे माधव वाणी घट में गूंज रही है"
'गुरुमाँ' की अरज अघाए रखना,
अपने चरणों से निभाए रखना
"सतगुरु SS ईश्वरशाह"
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