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👉 भूखे को भोजन क्यों खिलाएं? 😢 राजा रन्तिदेव ने अपना आखिरी भोजन भी दे दिया | LIVE सत्संग |

धर्म वाणी सत्संग । प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम ।

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👉 भूखे को भोजन क्यों खिलाएं? 😢 राजा रन्तिदेव ने अपना आखिरी भोजन भी दे दिया | LIVE सत्संग |

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धर्म वाणी सत्संग । प्रकृति पुरुष सिद्धपीठ आश्रम ।
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।। सत्यनाम ।। 🙏 ।। सबमें राम ।। 🙏 आध्यात्मिक सत्संग में आपका हार्दिक स्वागत है। 🍚 क्या भूखे को भोजन खिलाना ही सच्ची भक्ति है? 🙏 राजा रन्तिदेव ने अपना आखिरी भोजन भी क्यों दे दिया? आज के विशेष LIVE में सुनिए राजा रन्तिदेव की अद्भुत कथा— 48 दिन तक भूखे-प्यासे रहने के बाद जब उन्हें भोजन मिला, तब भी उन्होंने अपने सामने आए भूखे और प्यासे लोगों को भोजन-जल दे दिया। अंत में भगवान स्वयं उनके सामने प्रकट हुए। 🙏 ✨ आज LIVE में जानेंगे: 🔸 अन्नदान का इतना महत्व क्यों है? 🔸 रन्तिदेव ने भगवान से मोक्ष क्यों नहीं माँगा? 🔸 भूखे को भोजन कराने का आध्यात्मिक महत्व क्या है? 🔸 आज हम सेवा और मानवता के इस धर्म को कैसे निभा सकते हैं? 🪔 कबीर साहब कहते हैं: “रोटी हाथ से देत नहीं, और मुक्ति माँगे जाय। ऐसे नकटे भक्त से, साहिब रहे रिसाय॥” ❤️ आपने कभी किसी भूखे को भोजन कराया है? अपना अनुभव Comment में जरूर लिखें। 📅 07 अक्टूबर 2026 | बुधवार ⏰ दोपहर 3:30 बजे से LIVE 📺 धर्म वाणी 🙏 आइए, कथा सुनें और सेवा के इस सच्चे संदेश से जुड़ें। धर्म • सेवा • करुणा • मानवता #DharmVani #रन्तिदेवकथा #अन्नदान #भूखेकोभोजन #SevaHiDharmHai #LiveKatha #GitaGyan #KabirDoha #Humanity #धर्मसेवाकरुणा 🔔 Subscribe करें और इस आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ें। ।। सत्यनाम ।। 🙏 ।। सबमें राम ।।