Перейти к содержимому

🙏 हे जगतारिणि शोकनिवारिणि 🌺| He Jagatarini Shokanivarini | Navratri Special Mata Rani Bhajan 2026

801 Music

0:00 / 0:00

🙏 हे जगतारिणि शोकनिवारिणि 🌺| He Jagatarini Shokanivarini | Navratri Special Mata Rani Bhajan 2026

984 просмотра · 15 часов назад
801 Music
7,35 тыс. подписчиков
984 просмотра · 15 часов назад
#durga #navratrispecial #navratri #durga #navratrispecial #navratri #maadurga #bhajan #bhakti 🙏 हे जगतारिणि शोकनिवारिणि 🌺| He Jagatarini Shokanivarini | Navratri Special Mata Rani Bhajan 2026 🙏 हे जगतारिणि शोकनिवारिणि 🌺| He Jagatarini Shokanivarini | Navratri Special Mata Rani Bhajan 2026 🙏 हे जगतारिणि शोकनिवारिणि 🌺| He Jagatarini Shokanivarini | Navratri Special Mata Rani Bhajan 2026 हे जगतारिणि शोकनिवारिणि-मां दुर्गा भजन हे जगतारिणि शोकनिवारिणि सिंह सवारी को साजके आओ। श्रद्धा का पुष्प बिछा है मां राह में सेवा को मेरे सौभाग्य बनाओ।। है रूखा सूखा जो पुत्र के हाथ में प्रेम से मां उसे भोग लगाओ। प्यासे हैं नैन मां दर्श को तेरे कृपा की छवी एक बार दिखाओ।। रूप अनेक हैं मैय्या तुम्हारे दुर्गा तुम्हीं और हो तुम्हीं काली। दक्षसुता तुम्हीं शंभुप्रिया सती हो तुम ही जग की रखवाली।। झोली फैलाके जो आया है द्वार पे भक्त वो मात गया नहीं खाली। धर्म की ज्योति तुम्हीं से प्रकाशित कोटि प्रणाम तुम्हें जोतावाली।। पाटन की तुम ही हो पाटेश्वरी मां शीतला तुम दंत कुमारी। चिंतानिवारिणि मां चिंतपूर्णी हो देवी मनसा मैय्या वैष्णो प्यारी।। सब शक्तिपीठों में शक्ति है एक ही मां अद्भुत बड़ी लीला तुम्हारी। देव त्रिदेव करें जयकार सुनो विनती जगदंब हमारी।। हे महादेवी तुम्हारे ही तेज से सूर्य शशी सब तेज हैं पाते। सागर पखारके हे अंबिका हैं मन में अतिशय हर्षाते।। तुम हंसके जब देखती हो तो सूखे हुए गुल भी खिल जाते। शेष सहस्र मुखों से कहें यश वेद तो भाव से शीश झुकाते।। मंगलकारिणि संकटहारिणि पाप पिशाच को मार भगाओ। जैसे मिटाती हो दुष्ट जनों को मां वैसे मेरे दुःख दोष मिटाओ।। सिद्धियों की हो भण्डार भवानी मेरे बिगड़े सब काज बनाओ। नाम जपूं निसि वासर तेरा ही भक्ति दे मां भ्रम फंद छुड़ाओ।। श्रीधर सा अनुराग नहीं है ये सोचके मैय्या जी छोड़ न देना। नाता अटूट है मां और बेटे का नाता ये मैय्या जी तोड़ न देना।। ध्यानू सा ध्यान नहीं कर पाया मैं हूं भटका मुंह मोड़ न लेना। जैसे भी हूं अब दास हूं तेरा मैं आस की पोटलि फोड़ न देना।। पूजा में नित्य चढ़े चरणों में जो फूल बनादो मुझे वो मैय्या। दृष्टि करो अपने इस दास पे चाहता हूं चरणों की मैं छैय्या।। आज फंसा मझधार में हूं मैं मां आके निकालो मेरी अब नैय्या। रक्षा करो शरणागत की सर्वेश्वरी दीन की लाज बचैय्या।।