तारकासुर का जन्म और भयंकर तपस्या | ब्रह्माजी से मिला ऐसा वरदान जिसने तीनों लोकों को हिला दिया |
BhaktiGyaan sagar
0:00 / 0:00
तारकासुर का जन्म और भयंकर तपस्या | ब्रह्माजी से मिला ऐसा वरदान जिसने तीनों लोकों को हिला दिया |
70 просмотров · 5 дней назад
BhaktiGyaan sagar
29 подписчиков
70 просмотров · 5 дней назад
पंद्रहवां अध्याय — तारकासुर का जन्म व उसका तप
इस अध्याय में जानिए उस शक्तिशाली असुर तारकासुर के जन्म की अद्भुत और भयावह कथा, जिसके जन्म के समय प्रकृति में भयंकर उथल-पुथल मच गई थी।
तारक ने मधुवन में जाकर वर्षों तक अत्यंत कठिन तपस्या की। उसकी तपस्या के तेज से देवलोक तक विचलित हो गया। अंततः उसकी घोर तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी उसके सामने प्रकट हुए और उसे वरदान प्रदान किया।
लेकिन तारकासुर ने ऐसा कौन-सा वरदान मांगा, जिसने उसे लगभग अजेय बना दिया?
क्यों उसने अपनी मृत्यु केवल भगवान शिव के पुत्र के हाथों होने का वर मांगा?
और वरदान प्राप्त करने के बाद उसने कैसे तीनों लोकों में अपना आतंक स्थापित कर दिया?
जानिए इस रोमांचक पौराणिक कथा में तारकासुर के जन्म, तपस्या, वरदान और उसके अत्याचार की पूरी कहानी।
🔱 हर हर महादेव 🔱
#तारकासुर #महादेव #शिव #ब्रह्माजी #पौराणिककथा #शिवकथा #हिंदूमिथोलॉजी #तारकासुरकथा #कार्तिकेय #देवताओंकीकथा #अध्याय15