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4 November 2026

Radhe Radhe Sangam

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4 November 2026

33 просмотра · 3 дн. назад
Radhe Radhe Sangam
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🌺 राम नाम में खो जा रे मन 🌺 एक मौलिक श्रीराम भजन मुखड़ा (बार-बार गाने के लिए) राम नाम में खो जा रे मन, राम ही तेरा सहारा है। जिसने राम को दिल में बसाया, उसका जीवन उजियारा है। राम... राम... जय श्रीराम, सीता राम... सीता राम... राम... राम... जय श्रीराम, बोलो प्यारे सीताराम... अंतरा 1 – राम की महिमा जब-जब मन घबराता है, राम नाम याद आता है। अंधियारे जीवन के पथ पर, राम ही दीप जलाता है। न कोई अपना, न कोई पराया, राम ने सबको गले लगाया। जिसने सच्चे मन से पुकारा, उसने राम का साथ है पाया। राम नाम में खो जा रे मन, राम ही तेरा सहारा है। अंतरा 2 – माता सीता और श्रीराम सीता के संग राम विराजें, मन मंदिर में दीपक साजें। प्रेम और मर्यादा की मूरत, भक्तों के बिगड़े काम सँवारें। जनक दुलारी माता सीता, राम के मन की पावन गीता। दोनों के चरणों में जो झुके, उसकी राह बने संगीता। सीता राम... सीता राम... मेरे प्यारे सीताराम... अंतरा 3 – हनुमान जी की भक्ति राम के प्यारे हनुमान, भक्ति की तुम हो पहचान। सीने में तुम राम बसाए, करते हो प्रभु का गुणगान। जहाँ-जहाँ श्रीराम का नाम, वहाँ-वहाँ हनुमान का धाम। सच्चे मन से जो भी पुकारे, पूरे करते उसके काम। जय हनुमान... जय श्रीराम... जय बजरंगबली... जय श्रीराम... अंतरा 4 – वनवास की कथा राजमहल को छोड़ के राम, वन की राह चले श्रीराम। पिता के वचन निभाने खातिर, त्याग दिया सारा आराम। काँटों पर भी चलते रहे, धर्म का दीप जलाते रहे। दुनिया को यह सिखला गए, सत्य के पथ पर बढ़ते रहे। राम नाम में खो जा रे मन, राम ही तेरा सहारा है। अंतरा 5 – भक्त की पुकार हे रघुनंदन सुन लो पुकार, आ जाओ प्रभु एक बार। मन के मंदिर में आकर, कर दो जीवन का उद्धार। न धन माँगूँ, न माँगूँ माया, बस चरणों में मिले ठिकाना। जब तक साँसें चलती रहें, मुख पर रहे राम का गाना। मेरे राम... मेरे राम... मेरे प्यारे राजा राम... अंतरा 6 – राम नाम की शक्ति राम नाम अमृत की धारा, राम नाम जग का उजियारा। जो भी प्रेम से नाम पुकारे, राम बनें उसका सहारा। सुख में राम, दुख में भी राम, हर धड़कन में सीताराम। सुबह-सवेरे नाम जो लेता, उसके होंठों पर श्रीराम। राम... राम... राम... जय जय श्रीराम... अंतरा 7 – अयोध्या के राम अयोध्या नगरी प्यारी है, राम की लीला न्यारी है। सरयू के पावन तट पर, भक्ति की बहती धारा है। मंदिर में जब घंटी बाजे, राम नाम से मन मुस्काए। दीप जलें और फूल चढ़ें, हर भक्त प्रभु के गुण गाए। जय श्रीराम... जय श्रीराम... अयोध्या के राजा राम... अंतरा 8 – जीवन का संदेश क्रोध को मन से दूर भगाओ, प्रेम का दीप सदा जलाओ। राम के जैसे सत्य निभाकर, जीवन अपना सफल बनाओ। दूसरों का दुख अपनाओ, सबके मन में प्रेम जगाओ। राम की मर्यादा अपनाकर, मानवता का धर्म निभाओ। राम नाम में खो जा रे मन, राम ही तेरा सहारा है। अंतरा 9 – अंतिम प्रार्थना हे प्रभु मेरी लाज बचाना, अपने चरणों में जगह दिलाना। भटकूँ कभी अगर इस जग में, राम नाम से राह दिखाना। अंत समय जब साँस रुके, मुख पर तेरा नाम रहे। सीता राम की कृपा से प्रभु, मन में बस तेरा धाम रहे। सीता राम... सीता राम... जय जय श्रीराम... समापन – राम नाम जाप राम राम राम राम, सीता राम सीता राम। राम राम राम राम, जय श्रीराम जय श्रीराम। श्रीराम जय राम जय जय राम, श्रीराम जय राम जय जय राम। बोलो सियावर रामचंद्र की जय! पवनसुत हनुमान की जय! जय श्रीराम... जय श्रीराम... जय श्रीराम... जय श्रीराम...