जीवन के 4 अंतिम लक्ष्य। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष में क्या अंतर हैं? ख़ुशदीप बंसल
MahaGurukul
0:00 / 0:00
जीवन के 4 अंतिम लक्ष्य। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष में क्या अंतर हैं? ख़ुशदीप बंसल
9 055 просмотров · 4 года назад
MahaGurukul
12,1 тыс. подписчиков
9 055 просмотров · 4 года назад
मोक्ष का अर्थ है, अपने लय में बने रहना। अर्थपूर्ण इच्छाओं की पूर्ति द्वारा मानसिक द्वंद्वों से मुक्त होकर बहते रहना ही जीवन का अंतिम लक्ष्य है।
How to attain Moksha/Nirvana through the fulfilment of meaningful desires? Listen to the 4 Ultimate goals of life to achieve the ultimate state of Flow/Kaivalya which leads to the fulfilment of that Divine desire and purpose of Life for which you have taken birth.
#MahaGurukul #KhushdeepBansal #Moksha #Nirvana #Dharam #Arth
------
ऑनलाइन श्रीमद्भगवद्गीता कोर्स करें - https://mahagurukul.org/shrimad-bhaga...
अपने कर्मों को सिद्ध करके दुःख मुक्त सुखी जीवन को साकार करने वाले वैदिक ज्ञान को सरलता से जानने व सीखने का केन्द्र है महागुरुकुल।
हमारे सभी वैदिक शास्त्र जैसे आयुर्वेद, योग, वास्तु, ज्योतिष व मंत्र इत्यादि का मूल ध्येय व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार उसे उसके कर्म में सिद्धि प्रदान करवाना ही है। महागुरुकुल में इन विषयों के विशेषज्ञ अवलोकन करते हैं कि उसे विमुख करने, भटकाने वाले या कोई अन्य प्रभाव क्या हैं? उन कारणों को पहचानकर दुःख मुक्त और उत्तम जीवन साकार करवाने के उपाय करना ही हमारे ज्ञान का मूल प्रयोजन है। हमारे वैदिक ज्ञान की धरोहर के इसी ध्येय की पूर्ति का संकल्प ही महागुरुकुल की स्थापना का आधार है।
षोडश कला भवन -
https://mahagurukul.org/hi/shodash-ka...
वेदशाला - https://mahagurukul.org/hi/explore/
अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें – www.mahagurukul.org
सोशल मीडिया पर हमसे जुड़ें –
/ mahagurukul
/ mahagurukulofficial
/ mahagurukulofficial
संबंधित वीडियोज़:
• क्या है कर्मों का चक्र और कैसे इसको निरस्त...
• समृद्धि के 8 नियम | 8 Eternal Laws of Gro...
• पंचकोश:अस्तित्व की 5 परतें। Panchkosh 5 La...