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ओ पिंजरे की मैना | कबीर की वाणी | Soulful Bhajan

Inquisitive Mind

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ओ पिंजरे की मैना | कबीर की वाणी | Soulful Bhajan

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“ओ पिंजरे की मैना, बोल हरि बैना, तुझे उड़ जाना है...” यह गीत आत्मा की पुकार है — जो अपने तन रूपी पिंजरे से मुक्ति चाहती है। पाँच तत्त्वों से बना यह शरीर, नव दरवाज़ों वाला पिंजरा है — जहाँ मृत्यु नाम की बिलैया चौकन्नी बैठी है। फिर भी मन मोह में अटका है, भूल गया कि यह ठिकाना बस कुछ रोज़ का है। गीत की हर पंक्ति याद दिलाती है — यह पिंजरा पुराना है, इसके तार ढीले हो चुके हैं, कोई रोक नहीं सकेगा उस आत्मा को, जिसे अंततः उड़ जाना है। भजन हृदय की गहराइयों से निकली वह सीख है — कि बन्धन में प्रेम मत कर, भीतर हरि को पहचान। यह आवाज़ एक गाँव के फकीर की तरह है, जो खंजरी की थाप पर संसार को जगा रहा है – “समझकर गाना है, ओ पिंजरे की मैना…” #DesiMonk #Bhajan #Khanjri #KabirVani #IndianFolk #SpiritualSong #SoulJourney #kabirbhajan kabir saheb bhajan kabir bhajan status kabir das bhajan kabir vani bhajan kabir saheb ke bhajan kabir nirgun bhajan kabir panth bhajan kabir saheb ka kirtan kabir amritvani kabir das ke dohe audio kabir bhajan jukebox kabir bhajan nonstop kabir bhajan new kabir bhajan old kabir bhajan 1 hour kabir bhajan meditation kabir satsang bhajan kabir nirgun dhun kabir saheb pravachan with bhajan kabir bhakti song