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रोती हुई मासूम लड़की को बचाते ही दिहाड़ी मजदूर फंसा, मगर वह लड़की 6 साल से अंडरकवर रिपोर्टर थी

प्यार भरी दास्तां

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रोती हुई मासूम लड़की को बचाते ही दिहाड़ी मजदूर फंसा, मगर वह लड़की 6 साल से अंडरकवर रिपोर्टर थी

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प्यार भरी दास्तां
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🤯 जिस 'बेबस' लड़की को बचाने के लिए उसने जान जोखिम में डाल दी, आधी रात वही बोली—'मैं शिकार नहीं, इस गिरोह की शिकारी हूँ!' एक ईमानदार, मेहनती और सीधे-सादे कार्तिक को जब उसके रूममेट ने 'ऐश की दुनिया' दिखाने वाले साइकिल क्लब में खींच लिया, तो उसे लगा उसकी किस्मत चमक जाएगी। लेकिन वो क्लब महज़ एक पर्दा था। असली खेल क्लब के मालिक हुआंग की 'रूम कार्ड ब्लाइंड बॉक्स' स्कीम में चलता था, जहाँ बेगुनाह लड़कियों को अमीर शैतानों का शिकार बनाया जाता था। जब कार्तिक को पता चला कि अगली ड्रॉ में सॉन्ग नाम की लड़की का नाम आया है, तो उसने उसी रात उसे भगाने का फैसला किया। पीछे हुआंग की गाड़ियाँ, सामने अंधेरा पहाड़। भागते-भागते दोनों एक लावारिस लॉज में घुसे—और वहीं हुआंग के गुर्गों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। कार्तिक को लगा ये उनकी आख़िरी रात है। मगर तभी सबसे बड़ा धमाका हुआ। डर से थरथराती दिख रही सॉन्ग ने अचानक अपने आँसू पोंछे, अपनी असली पहचान बताई—वो एक क्राइम पत्रकार थी जो सालों से हुआंग के गिरोह की तहकीकात कर रही थी। उसकी बहन को हुआंग ने इसी क्लब के खेल में कोमा में पहुँचाया था। इसलिए वो जानबूझकर इस जाल में फँसी थी—अपनी बहन का हिसाब लेने के लिए। हुआंग हँसते हुए बोला, 'सबूत? यहाँ कोई नहीं आएगा।' सॉन्ग ने मुस्कुराकर अपनी घड़ी की एक पिन दबाई—अगले ही पल लॉज की बत्तियाँ जल उठीं और बाहर पुलिस की रोशनी दिखी। हुआंग की नींद उड़ गई, लेकिन उसने अपना आख़िरी तुरुप का पत्ता खेलना चाहा। तभी दरवाज़ा खुद ही खुला—सामने खड़ा था वही रूममेट, जिसने कार्तिक को इस क्लब में भेजा था! उसके हाथ में पुलिस बैज था और सॉन्ग की तरफ़ देखकर बोला—'अब असली शिकार हमारे जाल में है।' अब बताओ, रूममेट पहले से ही गिरोह के ख़िलाफ़ था, या ये हुआंग की आख़िरी चाल है? 👇 इससे आगे का सबसे बड़ा धमाका देखने के लिए अभी पूरा वीडियो चलाइए!