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इतने मंहगे कछुओं का होता क्या है? क्यों होती है तस्करी? पकड़े गए कछुआ तस्कर।

Brajbhushan Markandey

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इतने मंहगे कछुओं का होता क्या है? क्यों होती है तस्करी? पकड़े गए कछुआ तस्कर।

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Brajbhushan Markandey
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यह विलक्षण प्रजाति का एक कछुआ लाखों की कीमत का है। इसे गाजीपुर पुलिस एवं वन विभाग से लोगों ने पकड़ा। कछुए का उपयोग लोग तंत्र मंत्र के साथ दवाओं के निर्माण में भी करते हैं। कछुआ जल जीव है तथा पर्यावरण का मित्र भी। कछुआ की ढाई सौ से अधिक प्रजातियां पूरे विश्व में हैं। दर्जनों प्रजातियां अब तक विलुप्त हो गई हैं। वाराणसी स्थित गंगा नदी में कछुआ सेंचुरी की स्थापना हुई किंतु अब कछुआ नहीं दीखते। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के सुसंगत प्रावधानों के तहत कछुआ अनुसूची 1 में आता है। कछुआ की तस्करी करने वाले शख्स को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया तथा कछुआ को गाजीपुर स्थित गंगा के कलेक्टर घाट पर नाव मगा कर उसे स्वच्छंद रूप में विचरण करने के लिए छोड़ दिया गया। देखिए क्या बताते हैं गाजीपुर शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक डीपी सिंह एवं वन विभाग के रेंज अफसर। #kachhua century Varanasi #brajbhushan markandey #kachhua ki taskari #vanyajiv kachhua #national river Ganga #Ghazipur mein Ganga nadi