रे जीव! सुन तेरी कहानी। पर्युषण New song व्याखान #soulfulmusic #paryushan #music#song #trendingsong
Divya Jain Dharm
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रे जीव! सुन तेरी कहानी। पर्युषण New song व्याखान #soulfulmusic #paryushan #music#song #trendingsong
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Divya Jain Dharm
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Lyrics by Pinkle M Shah
Singer: Siddharth Shah
एक छोटा-सा जीव,
अंधकार में डूबा..
प्रभु की कृपा से,
अंधकार से छूटा।
चालू हुआ फिर,
कर्मों का सिलसिला....,
शुभ अशुभ कर्मों ,
वो बांधता फिरा।
रे जीव....
सुन तेरी कहानी,
कर्म राजा के आगे...
हो ना मनमानी|
शुभ कर्मो उदय से,
भ्रमिक सुख पाता...
अशुभ कर्मों से वो,
तड़प से कराहता।
कौन समझाए उसे?
तू क्यों रोता हैं...
तू जो सहता हैं,
तेरा ही तो हैं लिखा।
रे जीव...
सुन तेरी कहानी,
कर्म राजा के आगे...
हो ना मनमानी |
यौनी लाख चौरासी,
अनंत बार जन्मा....
चक्कर चार गति के,
फंसा वो आत्मा।
कितने सगे संबंधी,
कितने रिश्ते नाते....
फिर भी तू हैं अकेला,
कौन तेरे वास्ते?
रे जीव....
सुन तेरी कहानी,
कर्म राजा के आगे...
हो ना मनमानी |
रोग शोक संताप,
भूख प्यास दर्द....
भय मैथुन श्वासोच्छवास,
ठंठी गर्मी सर्द।
पशु बन जीता,
वनों में भटकता....
नर्क की असह्य पीडा,
कौन रे बचाता।
रे जीव....
सुन तेरी कहानी,
कर्म राजा के आगे...
हो ना मनमानी|
पुण्य करके इकट्ठा,
पाया मानव भव...
और भी पुण्य अपार,
पाया जिनशासन।
महावीर स्वामी ने,
दिखाई मोक्ष मंजिल..
मोक्ष राह चलके तू,
कर ले मुक्ति हांसिल।
भव फैरो से छुटने,
कर ले तू साधना....
खत्म हो जाएगा फिर,
जन्मों का सिलसिला।
रे जीव....
सुन तेरी कहानी,
कर्म राजा के आगे...
हो ना मनमानी|