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कृष्ण और राध एक ही हैं स्वरूप बस नजर अलग आता है

Atrey punj

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कृष्ण और राध एक ही हैं स्वरूप बस नजर अलग आता है

94 просмотра · 5 дней назад
Atrey punj
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इस वीडियो में प्रस्तुत कथा, प्रसंग, पात्र एवं धार्मिक संदर्भ प्राचीन हिंदू धार्मिक एवं पौराणिक ग्रंथों, पुराणों, वैष्णव परंपराओं तथा प्रचलित धार्मिक मान्यताओं से प्रेरित हैं। अलग-अलग ग्रंथों, संप्रदायों और परंपराओं में किसी कथा के प्रसंग, नाम, घटनाक्रम या विवरण में भिन्नता मिल सकती है। हमारा उद्देश्य किसी एक मत या संस्करण को अंतिम अथवा सर्वमान्य सत्य के रूप में प्रस्तुत करना नहीं है। वीडियो में कथा को सरल, भावपूर्ण और दर्शकों के लिए सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है। जहाँ आवश्यक हो, कथा-वाचन की सुविधा के लिए भाषा एवं प्रस्तुति को सरल किया गया है। यह सामग्री धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी तथा कथा-वाचन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। दर्शक संबंधित मूल ग्रंथों एवं प्रमाणित शास्त्रीय स्रोतों का अध्ययन करके विषय की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 🙏 हमारा उद्देश्य सनातन परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिक कथाओं को सम्मानपूर्वक और सरल भाषा में अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना है। राधे राधे 🌸शास्त्रीय स्रोत एवं संदर्भ इस वीडियो में प्रस्तुत कथा का आधार श्री गर्ग संहिता के प्रसंगों पर है। 📖 ग्रंथ: श्री गर्ग संहिता 📚 खंड: गोलोक खंड 📜 अध्याय: अष्टम अध्याय — श्रीराधिका-जन्म-वर्णन 🕉️ संवाद: श्री नारद जी एवं बहुलाश्व मुख्य विषय: श्री राधा के प्राकट्य एवं श्रीकृष्ण के साथ उनके दिव्य संबंध का वर्णन। गर्ग संहिता के गोलोक-खंड के अष्टम अध्याय में बहुलाश्व द्वारा श्री नारद जी से श्रीराधा सहित श्रीकृष्ण के व्रज-प्राकट्य एवं चरित्र के विषय में प्रश्न किया जाता है। उपलब्ध संस्कृत पाठ में इस अध्याय का आरंभ “श्रीराधया पूर्णतमस्तु साक्षात्…” से होता है। जय श्रीकृष्ण 🦚 जय श्री राधारानी 🙏