भीष्म पितामह 58 दिनों तक तीरों की शैया पर क्यों पड़े रहे? श्री कृष्ण ने बताया 100 जन्मों का रहस्य
ASHWANI KUMAR
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भीष्म पितामह 58 दिनों तक तीरों की शैया पर क्यों पड़े रहे? श्री कृष्ण ने बताया 100 जन्मों का रहस्य
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ASHWANI KUMAR
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जय श्री कृष्णा! 🙏
महाभारत युद्ध के 10वें दिन गंगापुत्र भीष्म पितामह अर्जुन के तीरों से छलनी होकर शरशैया पर गिर गए थे। इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त होने के बाद भी पितामह ने तुरंत अपने प्राण नहीं त्यागे। वे 58 दिनों तक असहनीय वेदना सहते हुए बाणों की शैया पर क्यों पड़े रहे?
जब पितामह ने सजल नेत्रों से पूछा— "हे वासुदेव! मैंने अपने पिछले 100 जन्म देख लिए, मैंने कभी कोई अधर्म नहीं किया, फिर मुझे यह घोर दंड क्यों?" तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनके 100 जन्मों के पार छिपे उस एक भयानक कर्म का रहस्य खोला जिसे सुनकर भीष्म पितामह भी दंग रह गए!
इस वीडियो में जानिए:
भीष्म पितामह 58 दिनों तक बाणों पर क्यों तड़पते रहे?
सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा का आध्यात्मिक और खगोलीय रहस्य।
100 जन्मों के पुण्य और पूर्वजन्म के उस अनजान कर्म का फल।
द्रौपदी चीरहरण पर पितामह के मौन का प्रायश्चित।
कर्म का वह अटल नियम जो भीष्म जैसे महायोद्धा को भी नहीं छोड़ता।
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