जाति विस्मरण का रहस्य | क्या पूर्व जन्मों की स्मृतियां जाग सकती हैं? | Osho
The oshoism
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जाति विस्मरण का रहस्य | क्या पूर्व जन्मों की स्मृतियां जाग सकती हैं? | Osho
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जाति विस्मरण एक ऐसी ध्यान-प्रक्रिया के रूप में वर्णित है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने पूर्व जन्मों की स्मृतियों को जानने की संभावना पर विचार करता है। ओशो ने चेतना, स्मृति और ध्यान के संदर्भ में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है।
क्या हमारी चेतना में केवल इसी जन्म की स्मृतियां हैं? क्या ध्यान के माध्यम से चेतना की गहराइयों में छिपी पुरानी स्मृतियों तक पहुँचा जा सकता है? और यदि ऐसा संभव हो, तो इसका हमारे वर्तमान जीवन और आत्म-बोध पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
इस वीडियो में जाति विस्मरण की अवधारणा और 😀 उससे जुड़े आध्यात्मिक दृष्टिकोण को सरल भाषा में समझने का प्रयास किया गया