Перейти к содержимому

तुगलकाबाद क़िले का इतिहास | Tughlakabad Fort Delhi History in Hindi | Tughlakabad Kile Ka Itihas |

Mr India Vlogs

0:00 / 0:00

तुगलकाबाद क़िले का इतिहास | Tughlakabad Fort Delhi History in Hindi | Tughlakabad Kile Ka Itihas |

80 893 просмотра · 1 год назад
Mr India Vlogs
6,2 тыс. подписчиков
80 893 просмотра · 1 год назад
Tughlakabad Fort Delhi History in Hindi | Viral Video | Tughlaqabad Fort History in Hindi Urdu | Tughlakabad Kile Ka Itihas | Tughlakabad Qila | Tughlakabad Fort | Tughlakabad Fort Horror History | Tughlaqabad Fort Ticket Price | Tughalakabd Fort for couples | A story of ruined fort | Tughlakabad Fort History in Urdu | Tughlaqabad fort history in Urdu Hindi | Tughlakabad Fort Vlog | Tughalakabad fort nearest metro station is Tughalakabad and Govindpuri | Timing | Ticket Price | Shapit Qila Shapit Kila | Bhutiya Qila | Bhutiya Kila | #delhi #indiantouristattraction #travel #indianmonument #viralvideo #trending | ‪@MrIndiaVlogs10‬ mr india vlogs Jungle Safari in Delhi only in Rs.10:    • Asola Bhatti Wildlife Sanctuary Delhi | Ju...   Humayun’s Tomb Mesuem Delhi    • Humayun Tomb Museum Delhi Vlog in Hindi | ...   Humayun’s Tomb    • The Ultimate Guide to Humayun’s Tomb Delhi...   Feeroj Shah Kotla Dargaah    • एक क़िला जो दरगाह बन गया | Feroz Shah Kotl...   Red Fort Delhi    • Red Fort Delhi Complete Tour 2026 | Ticket...   Jama Masjid Delhi    • जामा मस्जिद दिल्ली | Jama Masjid Delhi His...   Purana Qila Delhi    • पुराना क़िला इतिहास | Purana Qila Delhi Hi...   Siri Fort Delhi , Khilaji ka Qila    • दिल्ली का ख़ूनी क़िला | Siri Fort Delhi Hi...   Safdurjung Tomb Delhi    • SAFDURJUNG TOMB | Last Mughal Architecture...   Lodi Garden Delhi    • Lodi garden delhi | Delhi tourist places |...   Music Credit 🎶: Titans" by Cold Cinema Link: https://bit.ly/3HjGhpV​ ----- Spotify: https://open.spotify.c...​ ----- Spotify playlists: Emotional No Copyright Music: https://open.spotify.c...​ Trailer No Copyright Music: https://open.spotify.c...​ Epic Gaming No Copyright Music: https://open.spotify.c...​ ----- गयासुद्दीन तुग़लक़ का मक़बरा: इतिहास गयासुद्दीन तुगलक, जिनका मूल नाम गाजी मलिक था, ने 1320 ईस्वी में तुगलक वंश की नींव रखी। उन्होंने अपने शासनकाल में एक विशाल और मजबूत किले, तुगलकाबाद का निर्माण करवाया। और इसी किले के दक्षिणी हिस्से में, एक कृत्रिम झील के बीच, ऊँचे चबूतरे पर उन्होंने अपने जीवनकाल में ही इस मकबरे का निर्माण शुरू करवाया था। इस मकबरे की वास्तुकला अपने आप में अनूठी है। पहली नज़र में यह किसी छोटे किले जैसा प्रतीत होता है। इसकी दीवारें लाल बलुआ पत्थर से बनी हैं और थोड़ी अंदर की ओर झुकी हुई हैं, जो तुगलक वास्तुकला की एक खास पहचान है। यह झुकाव इमारत को मजबूती और भव्यता दोनों प्रदान करता है। इन लाल दीवारों के ऊपर सफेद संगमरमर का यह खूबसूरत गुंबद! यह कंट्रास्ट (विपरीतता) अद्भुत है। मकबरे की योजना पंचकोणीय (Pentagonal) है, जो उस समय के मकबरों में बहुत आम नहीं थी। इसे एक ऊँचे, मजबूत परकोटे से घेरा गया है, और मुख्य किले से यह एक लंबे पुल या कॉजवे (causeway) द्वारा जुड़ा हुआ था, जिसके अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं। मकबरे के अंदर तीन कब्रें हैं। बीच की कब्र स्वयं सुल्तान गयासुद्दीन तुगलक की है। उनके एक ओर उनकी पत्नी मखदुमा-ए-जहाँ की कब्र बताई जाती है, और दूसरी ओर उनके पुत्र मुहम्मद बिन तुगलक की। हालांकि, कुछ इतिहासकार मुहम्मद बिन तुगलक की कब्र यहाँ होने पर मतभेद रखते हैं। अंदर का हिस्सा बाहर की तरह भव्य न होकर सादा है, लेकिन इसमें एक अजीब सी शांति और गंभीरता का एहसास होता है। मेहराब और दीवारों पर कुरान की आयतों की बारीक नक्काशी भी देखने को मिलती थी, जिसके कुछ अंश आज भी मौजूद हैं। समय के थपेड़ों और उपेक्षा के बावजूद, गयासुद्दीन तुगलक का यह मकबरा आज भी अपनी शान से खड़ा है। यह हमें उस दौर की इंजीनियरिंग और कलात्मक दृष्टि की याद दिलाता है। यह मकबरा इंडो-इस्लामिक वास्तुकला के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सल्तनत काल की वास्तुकला की सादगी और मजबूती का प्रतीक है, जो बाद के मुगलकालीन मकबरों की भव्यता और अलंकरण से बिल्कुल अलग है। यह न केवल एक शासक की कब्रगाह है, बल्कि उस युग की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति का भी प्रतिबिंब है। इसकी ढलुआं दीवारें, मजबूत संरचना और रणनीतिक स्थिति, सुल्तान गयासुद्दीन के सैन्य स्वभाव और दूरदर्शिता को दर्शाती हैं। जब सूरज की आखिरी किरणें इस लाल पत्थर के मकबरे और सफेद गुंबद पर पड़ती हैं, तो इसकी खूबसूरती और भी निखर उठती है। यह हमें याद दिलाता है कि साम्राज्य बनते और बिगड़ते हैं, शासक आते और जाते हैं, लेकिन कला और इतिहास हमेशा जीवित रहते हैं। गयासुद्दीन तुगलक का मकबरा दिल्ली की उन अनमोल धरोहरों में से एक है, जिन्हें सहेज कर रखना हमारी जिम्मेदारी है। यह हमें अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ता है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता है।