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SHRIMAD BHAGWAT KATHA VRINDAVAN - DAY 1|| KRISHNA PREM KATHA MAHIMA || Kundal Krishna Das

Kundal Krishna Das Official

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SHRIMAD BHAGWAT KATHA VRINDAVAN - DAY 1|| KRISHNA PREM KATHA MAHIMA || Kundal Krishna Das

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SHRIMAD BHAGWAT KATHA VRINDAVAN - DAY - 1 by Kundal Krishna Das Organised By - Gopi Mandal Vijayraj Nagar And Hare Krishna Dham - Bhavnagar #vrindavankatha #bhagvatkatha #katha #kundalkrishnadas #vrindavan #harekrishna #hareram If You Like The Video Don't Forget To Share With Others & Also Share Your Views. Your One Stop Destination For All The Latest Katha Subscribe Now Free Subscribe: https://goo.gl/B9fjn9 LIKE | COMMENT | SHARE | SUBSCRIBE वृन्दावन और स्वर्ग को तोले तुलसीदास भारी भू पर रह गयो, और हलकों गयो आकास हमारे वृन्दावन के सामने तो स्वर्ग भी हल्का रह गया. द्वापर में जब एक बार वरुण देव नन्द बाबा को उठा ले गए थे, तो प्रभु उन्हें वापिस लाने के लिए वरुण लोक में पधारे थे. जब प्रभु अपने ग्वाल बालों के पास आये तो उन्हें लगा कि कन्हैया ने अपने बाबा को कोई दिव्य लोक को दर्शन करायो है और वो जिद करने लगे कि कन्हैया तू हमें अपने गोलोक को दर्शन करा. ठाकुर जी ने उन्हें समझाया कि जो वृन्दावन के वासी हैं वो गोलोक नहियो जाते क्यूंकि वृन्दावन तो गोलोक से भी श्रेष्ठ है पर ग्वाल बल नहीं माने. तो प्रभु ने उन्हें आंख बंद करने को कहा और आंख बंद करते ही वो सब एक दिव्य धाम में पहुच गए जिसका एक बहुत बड़ा प्रवेश द्वार है और वहां बड़े बड़े भक्तो कि सवारी निकल रही है. वो सारे गोप उस दरवाज़े के अंदर घुसे और अपने कन्हैया के महल को ढूँढने लगे. जब वो चल रहे थे तो पीछे से गोलोक का एक मंत्री आया और जोर से चिल्लाया, "ग्वालों सावधान". वो सारे बालक डर गए. पूछा "बाबा, का भयो, हमसे कोई भूल है गयी है". तो वो मंत्री बोला कि "अरे ग्वालों तुम्हे चलना नहीं आता, यह बैकुंठ है, यहाँ केवल नाचते हुए चलने का नियम है". ग्वाल बाल सब एक दूसरे का चेहरा देखने लगे कि ये अच्छा गोलोक है. तभी एक ग्वाल पीछे से बोला, "हम नाच के तो चल लेंगे पर आप नेक ये बता दो कि हमारो कन्हैया कहाँ हैं". वो मंत्री फ़िर चिल्लाया कि अरे ग्वालों तुम्हे तो बोलना भी नहीं आता. यहाँ तो केवल गाते हुए बोलना होता है. अब सारे बालक घबरा गए कि भैया ये क्या मुसीबत है. अगर बोलने को मन होए, तो पहले तबला ढोलक को इंतजाम करो, तब मुह से आवाज़ निकल सकते हैं और इसी घबराहट ने सबने आँख खोल दी और देखा कि उनका कन्हैया उनके सामने खड़ा है और वो वापिस अपने ब्रज में पधार चुके हैं. तो सब ग्वाल बालों ने भागवत में कहा है कि स्वर्ग से भी अच्छा तो हमारा वृन्दावन है. Thank You, Hare Krishna