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Jab Pyaar Hua Iss Pinjare Se To, TumaneKaha Azad Ho Tum | #oldisgoldsongs#latamangeshkar

Jyoti 2.7*

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Jab Pyaar Hua Iss Pinjare Se To, TumaneKaha Azad Ho Tum | #oldisgoldsongs#latamangeshkar

1 325 просмотров · 11 дн. назад
Jyoti 2.7*
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Jab Pyaar Hua Iss Pinjare Se To, Tumane Kaha Azad Ho Tum | #oldisgoldsongs #latamangeshkar जब प्यार हुआ इस पिंजरे से, तुमने कहा-** "आज़ाद हो तुम..."** मैंने हँसकर तुमसे पूछा, "फिर क्यों इतने नाराज़ हो तुम?" जब प्यार हुआ... इस पिंजरे से... तुमने कहा-*"आज़ाद हो तुम..."* अंतरा 1 मैंने तो बस साथ माँगा था, जीवन भर का हाथ माँगा था, तुमने मेरी इन चाहतों को, जाने क्यों बंधन समझा था। तेरी राहों में फूल बिछाए, अपने सपने पीछे छोड़ आए, तुमने फिर भी कह दिया मुझसे-*"अपने पंखों को मत बाँधो तुम..."* मैंने आँसू पीकर हँसकर कहा, "जाओ... अब आज़ाद हो तुम।" मुखड़ा जब प्यार हुआ इस पिंजरे से, तुमने कहा - * "आज़ाद हो तुम..."* मैंने हँसकर तुमसे पूछा, "फिर क्यों इतने नाराज़ हो तुम?" अंतरा 2* जिस आँगन में साथ खड़े थे, वहीं अकेली आज खड़ी हूँ, कल तक तेरी धुन में गाती थी, आज खुद अपनी धुन में पड़ी हूँ। तुमको अपनी राह मिली है, मुझको भी अब राह मिली है, लेकिन दिल के कोने में क्यों, अब भी तेरी आह मिली है? तुमने छोड़ा हाथ तो मेरा, टूटा नहीं विश्वास मगर... * जिसको अपना घर समझा था, वो ही निकला एक सफ़र।* ब्रिज / शायरी जैसा गीतांश* तुम कहते हो - मैं बंधन थी, मैं कहती हूँ- मैं चाहत थी, तुमको उड़ना था आसमानों में, मैं तो बस तेरी आहट थी। तुम उड़ जाओ दूर गगन में, मेरी दुआ तुम्हारे संग है, प्यार अगर सच्चा हो तो फिर, * दूरी भी तो एक रंग है।* अंतिम मुखड़ा* अब प्यार हुआ इस पिंजरे से, मैंने कहा-** "आज़ाद हो तुम..."** जाओ अपने नीले गगन में, * अब मेरी भी परवाज़ है सुनो। कल तक तुम मेरे ख़्वाब थे, आज मेरी आवाज़ हो तुम... ** तुम आज़ाद हो... मैं आज़ाद हूँ... फिर भी दिल के पास हो तुम।* Outro जब प्यार हुआ इस पिंजरे से... तुमने कहा था-*"आज़ाद हो तुम..."* और मैंने मुस्कुराकर कहा- *"हाँ... आज़ाद हूँ मैं।"*